सरायपाली : अंचल में अवैध क्लीनिकों पर अब सख्ती बरतने की तैयारी…… 23 निजी क्लीनिकों संचालकों को वैध पंजीयन प्रस्तुत करने नोटिस

सरायपाली (काकाखबरीलाल). लंबे समय से अकुशल चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से गांव-गांव में अवैध क्लीनिक खोलकर दुकान चला रहे हैं। कोरोना काल में यह अकुशल (झोलाछाप) डॉक्टरों ने क्षेत्र के भोले-भाले जनता को खूब लूटा है। इनकी नजर क्षेत्र के भोले-भाले जनता को कोरोना का भय दिखाकर मोटी कमाई करना था, वे मंसूबे में कामयाब भी हुए।
निजी क्लीनिक संचालकों को मिला है नोटिस स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों की नजर इन पर न पड़ने के कारण आज भी ये अपने अवैध क्लीनिक को बिना कोई डर भय के बेधड़क संचालित कर रहे हैं, लेकिन अब इन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव-गांव में संचालित प्रेक्टिसनर्स/क्लीनिकों को नोटिस जारी किया गया है। संतोषप्रद जवाब या चिकित्सा करने के वैद्य डिग्री नहीं मिलने पर पर कार्रवाई भी होने वाली है।
अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार ब्लॉक के 23 निजी क्लीनिक संचालकों को खंड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के तहत वैध पंजीयन प्रस्तुत करने नोटिस जारी किया गया है। वहीं तीन अन्य क्लीनिक पर नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नोटिस का जवाब 3 दिन के अंदर प्रस्तुत करने क्लीनिक संचालकों को नोटिस दिया गया था, जो क्लीनिक का पंजीयन नहीं हुआ होगा, वे अवैध माना जाएगा और स्वास्थ्य विभाग द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के तहत उन पर कार्रवाई की जाएगी। गांवों में अवैध क्लीनिक संचालित होने की सूचना समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीणों व उनके स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से प्राप्त होती है। इस बार भी स्वास्थ्य विभाग को झोलाछाप डॉक्टर गांव में सक्रिय होने की सूचना प्राप्त हुई है। खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा वैध डिग्री प्रस्तुत करने संबंधी निजी क्लीनिक संचालकों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस का जवाब नहीं आने की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आ रही है। अवैध निजी क्लीनिक में इलाज कराने वाले कई मरीज जान भी गवां चुके हैं।
खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सरायपाली के द्वारा ब्लॉक के 23 निजी क्लीनिक संचालकों को नोटिस भेजा गया है, इसमें अशोक रात्रे भीखापाली, देवराज साहू भोथलडीह, सुरेन्द्र पटेल भोथलडीह, दिलीप साहू बिरकोल, रामकुमार, राणा तिहारीपाली, जगमोहन रौतिया मुरमुरी, उद्धव बेहेरा बांजीबहाल, रमेश पटेल बिजातीपाली, सोहन पटेल मुंधा, हेमचंद पटेल अमरकोट, श्याम चरण सिदार टिभूपाली, रुपेश सिदार खोखेपुर, आदराम यादव खोखेपुर, पंचम बढ़ाई टेमरी, आलोक साहू बलौदा, देवनाथ ड़ड़सेना गेर्रा, हरिबोल पांडे तोरेसिंहा, लक्ष्मण भोथलडीह, धर्मेंद्र साहू केन्दुढ़ार, बंशीलाल पोर्ते पझरापाली, दया, मुकेश, प्रसाद नामक शामिल हैं।
बिना फार्मासिस्ट के ही मेडिकल का संचालन
इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीबी कोसरिया से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि गांव में जो निजी क्लीनिक है, जिनकी शिकायत मिली है, उन्हें क्लीनिक संचालन के लिए नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन सहित इलाज करने के लिए वैद्य डिग्री-डिपलोमा डिग्री प्रस्तुत करने नोटिस भेजा गया था और अभी भी कुछ अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में नोटिस भेजने का कार्य जारी है। दो महीने से किसी भी नोटिस का कोई जवाब नहीं आया। अब कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जाएगा।
इनमें नोटिस पाने वाले अधिकतर लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं देने की बात स्वीकार की। तो कुछ लोगों ने उनके पुत्र द्वारा वैद्य डिग्री प्राप्त करने और उनके द्वारा ही चिकित्सा कार्य संपादन किए जाने की बात कही। इन सभी में झोलाछाप का नोटिस लेने वाले दो-तीन व्यक्ति द्वारा क्लीनिक में ही मेडिकल का संचालन अपने रिश्तेदार की डिग्री से करना पाया गया। जहां बिना फार्मासिस्ट के ही मेडिकल का संचालन किया जा रहा है। जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए किस कदर घातक होगा यह समझा जा सकता है।

























