सरायपाली : सरपंचो की मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रहेगा

सरायपाली। प्रदेश स्तरीय सरपंच संघ के आव्हान पर सरपंच संघ सरायपाली 13 सूत्रीय मांगो को लेकर विगत 22 अगस्त से काम बंद कलम बंद कर जनपद पंचायत परिसर में विकासखण्ड के समस्त सरपंच अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। शासकीय अधिकारी कर्मचारी संघ की हड़ताल समाप्त होने के बाद अब सरपंच संघ के हड़ताल पर चले जाने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे आधार सुधार, जाति, आय, निवास के लिए हस्ताक्षर कराने लोगों को भटकना पड़ रहा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय कामकाज भी प्रभावित हो गया है। धरने पर बैठे सरपंचों का कहना है कि पूरे प्रदेश में सरपंचों ने एकता दिखाई है। उसी तरह हम भी पंचायतों में तालाबंदी कर आंदोलन की राह पर धरना व प्रदर्शन कर रहे हैं। विकासखण्ड के 107 ग्राम पंचायतों में सरपंचों के अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते कार्य ठप्प हो गया है। प्रदेश भर में सरपंचों ने कार्य का बहिष्कार कर दिया है, जिससे विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। सरपंच संघ अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। पूरे जनपद में करोड़ों रुपये के नए कार्य नही हो पा रहे है। पीएम आवास, सड़क निर्माण के कार्य एवं मनरेगा निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं।
सरपंच संघ के अध्यक्ष विनय पटेल ने बताया कि आंदोलन अनवरत जारी रहेगा और अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सरपंच संघ ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर जनपद के सामने धरना स्थल पर आंदोलन कर छत्तीसगढ़ शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं 10 सितम्बर को रायपुर में महाधरना प्रदर्शन में समस्त सरपंच शामिल होंगे। सरपंच संघ अध्यक्ष ने बताया कि मांग में सरपंचों और पंचों के मानदेय में वृद्धि कर 20 से 5 हजार किया जाए। सरपंचों को पेंशन 10 हजार रुपए दिया जाए, 50 लाख तक सभी कार्यों में कार्य एजेंसी पंचायत को बनाया जाए। सरपंच निधि के रूप में 10 लाख रुपए दिया जाए, नक्सलियों के हमले में सरपंचों को मारे जाने पर 20 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए। 15वें वित्त की राशि को अन्य मदद में अभिषरण नहीं किया जाए। 15वें वित्त की राशि जनपद व जिला सदस्य द्वारा अपने ही क्षेत्र में दिया जाए। नरेगा सामग्री राशि भुगतान हर तीन महीने में किया जाए। नरेगा निर्माण कार्य में 40 प्रतिशत अग्रिम राशि दी जाए। सरपंचों व पंचों का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाया जाए। ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास की राशि 2 लाख करते हुए तत्काल राशि जारी की जाए। सरपंचों के अविश्वास प्रस्ताव अधिनियम और धारा 40 में संशोधन किया जाए।

























