छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बच्चों को ‘रहस्यमयी बीमारी’:​30 बच्चों के शरीर और मुंह के अंदर निकले दाने, फिर बुखार परिजन बोले- आयरन का सरकारी सिरप पीने से हुआ

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में 30 बच्चे रहस्यमयी बीमारी से पीड़ित हो गए हैं। बच्चों के शरीर और मुंह के अंदर दाने निकले हैं। जलन होने के साथ ही बच्चों में बुखार के भी लक्षण हैं। परिजनों का कहना है कि सरकारी आयरन की सिरप पीने के बाद यह बीमारी बच्चों को हुई है। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि जिन बच्चों ने सिरप नहीं पीया है, उनमें भी ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। असली कारण तो स्पेशलिस्ट ही बता सकते हैं। तीन दिन से पता होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

दरअसल, नवापारा पंचायत और उसके अंर्तगत आने वाले गांव में गुरुवार से बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला शुरू हुआ है। सरपंच के पति भगत मांझी ने बताया कि मंगलवार को शिशु संरक्षण सप्ताह के तहत 3 साल तक के बच्चों को आयरन सिरप बांटा गया था। सिरप पीने के बाद बुधवार को बच्चों के शरीर पर पहले दाने निकले, फिर मुंह के अंदर भी दिखाई देने लगे। अगले दिन शाम तक उनको बुखार आना भी शुरू हो गया। उन्होंने नवापारा के 18 और आश्रित गांव माहुलपारा के 6 बच्चों के नाम तक बता दिए।

एक पीड़ित बच्चे के परिजन विवेक वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को वह बच्चे को लेकर अमलीपदर अस्पताल गए थे। वहां डॉक्टरों ने कुछ दवाई लिखकर बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए कहा। साथ ही प्राइवेट डॉक्टर को भी दिखाने की सलाह दी। ग्रामीणों का दावा है कि जितने बच्चे बीमार हुए हैं, सब ने सरकारी आयरन सिरप पी है। जिन परिजनों ने अपने बच्चों को नहीं पिलाई, वह स्वस्थ हैं। आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। लोगों ने मांग की है कि यहां स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए।

अमलीपदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. भावेश यादव ने कहा कि शुक्रवार से 10 बच्चे आए हैं। इनकी स्थानीय स्तर पर जांच कर दवाई दी गई है। किसी में भी एलर्जी सिमटम्स नहीं है। कुछ और ही हो सकता है, इसलिए पीड़ितों को चाइल्ड एक्सपर्ट की मदद लेने कहा गया था। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। स्थानीय टीम भी लगातार निगरानी कर रही है।

BMO छुट्टी पर हैं, इंचार्ज अधिकारी बोले- जानकारी नहीं
वहीं अफसर अभी तक पूरे मामले से अंजान बने हुए हैं। मैनपुर BMO गजेंद्र ध्रुव ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। अपना चार्ज वे केडी जोगी को देकर गए थे, जबकि केडी जोगी ने पूरे मामले में ही अनभिज्ञता जाहिर कर दी है। उनका कहना है कि अभी तक उनके पास बच्चों की बीमारी को लेकर कोई जानकारी नहीं है।

 

 

AD#1

काका खबरीलाल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. kakakhabarilaal@gmail.com

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!