सरायपाली: रोहिना में चलित थाना शिविर का हुआ आयोजन

महासमुंद पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला के निर्देशन एवं एसडीओपी विकास पाटले के मार्गदर्शन में चलाये जा रहे हमर पुलिस हमर संग अभियान के तहत ग्राम रोहिना में चलित थाना शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरायपाली थाना प्रभारी आशीष वासनिक थे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत रोहिना सरपंच श्रीमती जज्ञसिनी चूड़ामणि साहू ने की। सर्वप्रथम थाना प्रभारी श्री वासनिक ने चलित थाना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि शासन की मंशानुरूप हमर पुलिस हमर संग थीम के तहत हम चलित थाना लेकर आपके गांव पहुंचे हैं। लोगों में पुलिस की छवि को लेकर जो धारणा बनी है, अब उसे बदलने की आवश्यकता है। पुलिस और ग्रामीणों के बीच सिर्फ वर्दी का अंतर है। पुलिस भी एक इंसान ही है। इसलिए पुलिस से डरने की बजाय उनका सहयोग करने की अपील की। उन्होंने पुलिस की तुलना मां से करते हुए कहा कि जिस तरह मां को हमेशा अपने बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की चिंता रहती है उसी तरह पुलिस को भी आम जनता की सुरक्षा और देखभाल की चिंता रहती है।
सरायपाली क्षेत्र के गांवों में बिक रहे महुआ शराब एवं नशाखोरी के चलते घट रहे अपराध पर चिंता जाहिर करते हुए श्री वासनिक ने कहा कि अवैध शराब को रोकने के लिए ग्रामीणों को ही आगे आना होगा। उन्होंने पूर्व में गठित ग्राम सुरक्षा समिति को एक्टिव कर गांव को सुधारने की सलाह दी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि गांव की समस्या को गांव स्तर पर ही सुलझाएं। पुलिस, कोर्ट कचहरी के चक्कर में पड़कर अपना समय और पैसे की ही बर्बाद न करें। छोटे-छोटे बातों को मन में रखकर बैर रखना, झूठी शिकायत करना ठीक नहीं है।
इस पर सरपंच ने कहा कि ग्रामीणों एवं पुलिस का सहयोग मिला तो गांव में शराब बनाने और बेचने वाले के खिलाफ करवाई की जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अवैध शराब की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा तैयार की गई अभिव्यक्ति ऐप के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने ग्रामीणों को अपने मोबाइल पर अनिवार्य रूप से इस ऐप को डाउनलोड कर लें। इस ऐप के माध्यम से महिलाएं घर बैठे ही अपने शिकायत दर्ज करा सकती हैं। उन्हें थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अभिव्यक्ति ऐप महिलाओं के लिए एक तरह से सुरक्षा कवच है। इस अवसर पर एएसआई सोनचंद डहरिया, प्रधान आरक्षक सुकलाल भाई, जयंत बारीक, ललित पटेल, अशोक बाघ, कौशिक चेलक, महिला प्रधान आरक्षक हिमाद्री देवता, आरक्षक ओम प्रकाश टण्डन, प्रकाश साहू, दिनेश बुड़ेक, सरपंच प्रतिनिधि चूड़ामणि साहू, कमलेश साहू, पंच जयकृष्ण नेताम, विजय राणा, शुक्लाध्वज सिंह टेकाम, रघुमणि साहू, नेपाल साहू, तुलाराम राणा, शंकरदास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।























