
ललित मुखर्जी पिथौरा – पुर्ण आवास पर 45000 मिलना था मगर मिला सिर्फ 38000, एवं लिंटर लेवल का अभी भी है बकाया
पिथौरा जनपद पंचायत पिथौरा के पदमुक्त आवास मित्रों को प्रोत्साहन राशि हेतु चक्कर लगाया जा रहा है| मिली जानकारी के अनुसार ललित मुखर्जी और मोती लाल जाँगडे पिथौरा जनपद पंचायत में आवास मित्र का कार्य कर रहे थे| जिनको विभाग के द्वारा बिना किसी कारण के 25 अक्टूबर को कार्य मुक्त कर दिया गया जोकि पूर्ण रूप से अनुचित है ,एवं बेरोजगारों के साथ अधिकारियों के द्वारा खेल खेला जा रहा है |ललित मुखर्जी ने महीने भर मानदेय राशि हेतु जनपद पंचायत पिथौरा का चक्कर लगाकर परेशान हो गया तो आखिरकार उन्होंने तंग आकर महासमुंद कलेक्टर जनदर्शन में फरियाद लगाई जिनमें उन्होंने बताया कि जनपद पंचायत पिथौरा अंतर्गत आवास मित्र का कार्य कर रहे थे| इस दौरान मुखर्जी ने संपूर्ण कार्यकाल में कुल 45 आवासों को आप पूर्ण कराया 87 आवासों को लेंटर लेवल तक पहुंचाया जिनका मानदेय भुगतान उनको अभी तक अप्राप्त है, तत्पश्चात श्री मुखर्जी को विभाग द्वारा 18000 रूपय का भुगतान कराया गया पूर्व में ₹20000 का भुगतान हो गया था| इस प्रकार उन्हें कुल 38,000 रुपए का भुगतान हुआ परंतु मुखर्जी द्वारा कुल 45 आवासों को पूर्ण कराया था| जिसकी 45000 रुपए की राशि बनती है एवं 6 महीने में पूर्ण किए गए आवासों का ₹200 अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिया जाता है उनको भी नहीं नहीं दिया गया| परंतु 1हजार के हिसाब से मुखर्जी को कुल 45000 रूपय से मिलना था लेकिन उन्हें मात्र 38000 ही मिल पाया बाकी के 7 हजार को संबंधित अधिकारी खा गए जिस पर श्री मुखर्जी मे प्रशासन के खिलाफ रोष है वही मुखर्जी ने बताया कि उन्हें लिंटर लेवल का भी भुगतान नहीं हुआ है जिससे उनको दफ्तर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं |इस प्रकार अधिकारियों द्वारा पदमुक्त कर्मचारी श्री ललित मुखर्जी को दफ्तर के चक्कर लगाने हेतु मजबूर किया जा रहा है|
वही मोती लाल जाँगडे को भी 6 माह मे आवास पुर्ण कराने पर 200 रुपए का अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलना था जिसे नहीं दिया गया श्री जाँगडे का 80 लेन्टल लेवल 600 रुपये के हिसाब से दिया जाना है जिसका भी प्रोत्साहन राशि नहीं दिया गया है।























