खरीदी प्रभारियों के लापरवाही के चलते…धान की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे

महासमुंद जिले के धान खरीदी केंद्रों में अंतिम चरण में लापरवाही के मामले सामने आ रहे हैं दरअसल खरीदी प्रभारियों के मनमानी के चलते खरीदी केंद्रों में खरीदे गए धान को जहां नुकसान पहुंच रहा है वहीं दूसरी ओर ध्यान की सुरक्षा को लेकर भी उपार्जन केंद्र के प्रभारी द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में लाखों करोड़ों रुपए के धान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
दरअसल ऐसा ही मामला महासमुंद जिले के पिथौरा ब्लाक अंतर्गत आने वाले धान खरीदी केंद्र परसवानी और पथरला में सामने आया है। परसवानी धान उपार्जन केंद्र में किसानों द्वारा लाए गए धान को बगैर तौलाई के ही सीधे दूसरे बारे में पलटी किया जा रहा है जिससे धान उपार्जन की व्यवस्था पर कई तरह के सवाल सामने आ गए हैं। धान की क्वालिटी की भी जांच नहीं किए जाने का मामला सामने आया है।
इधर दूसरी और पत्थरला के धान खरीदी केंद्र में उपार्जित किए गए धान की सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे हो गई। दरअसल उपार्जित धान के बाद दोनों का ना प्रोस्टेट लगाया गया है और ना ही डेनेज के माध्यम से उन्हें स्टेट में रखा गया है लिहाजा मौसम खराब होने और बारिश होने की स्थिति में धान के नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। हम आपको यह बता दें कि इन उपार्जन केंद्रों में खरीदी प्रभारियों की मनमानी सामने आ रही है यह जानकारी दी व्यवस्था को लेकर तमाम प्रशासनिक निर्देशों के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं बरते जाने से कई प्रकार के प्रश्न सामने आ गए हैं वहीं खरीदी प्रभारियों की मनमानी के चलते शासन को भी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।























