बिना नम्बर बाइक्स, तेज बाइकर्स, राजधानी में मनमर्जी जनता हलाकान

असामाजिक तत्वों एवं नाबालिगों द्वारा राजधानी के मुख्य इलाकों ही नहीं बल्कि राजधानी से सटे मुख्यालय धरसींवा, नगर पंचायत कुरा मार्ग व हाइवे सहित भीड़भाड़ वाले इलाके में बाइक पर स्टंट के साथ फर्राटे भरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं जिसके तहत नगर वासियों की जान खतरे में पड़ गई मामले में पुलिस की इन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही और दबाव पूरी तरह से फिसड्डी नजर आ रही है। जिससे जनप्रतिनिधियों और आम जनता में रोष ब्याप्त है। ब्लाक मुख्यालय धरसीवां में इन दिनों बिना साइलेंसर की बाइक की तेज रफ्तार और प्रतिबंधित तेज हॉर्न के साथ साथ बाइक स्टंट लोगों के लिए मुसीबत बनी है। बतादें कि राजधानी में नवा रायपुर, VIP रोड, अनुपम गार्डन के आस-पास के इलाके, धरसीवां से परसतराई मार्ग, मुख्यालय से नगर पंचायत कुरा व महाविद्यालय मार्ग, धरसींवा से चरौदा मार्ग व हाइवे व बस स्टेंड धरसीवां सहित भीड़भाड़ मार्ग पर इन की दखल है जंहा लोगों की जान इन मोटरसाइकिल युवाओं पर है जहां कभी भी बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे सकती है। वहीं कुछ निगरानी बदमाश, बिगड़ैल नवयुवक तेज रफ्तार स्टंट करते हुए भर्तियों पुलिस को एक तरह से चुनौती देते हुए और जनप्रतिनिधियों का मखौल उड़ाते हुए बाइक दौड़ाते हैं। यंहा पर कहना लाजमी होगा कि अभिभावक भी हाथों में स्पोर्ट बाइक देकर बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। युवाओं की तेज रफ्तार से किसी न किसी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है पुलिस ऐसे युवकों की धरपकड़ नहीं कर रही है जिससे ऐसे तत्वों के हौसले बुलंद है इसको लेकर लोगों का आक्रोश अब दिन-ब-दिन बढ़ने लगा है जो कभी भी सड़क की लड़ाई को जन्म दे सकता है।जिला पंचायत सदस्य राकेश यादव का कहना है कि बिगड़ैल नवयुवकों को यदि उनके पालक नहीं संभाल पा रहे हैं तो जरूरी है प्रशासन इस पर ध्यान दें और संभाले स्कूल आती-जाती बच्चियों से यदि अभद्र व्यवहार हो रहा है तो ऐसे लड़कों पर सख्त कार्यवाही हो। साथ ही बाइक को जप्त कर न्यायालय में पेश करें और जुर्माना के साथ कार्यवाही भी हो जिससे बड़ी सबक मिल सके। वहीं धरसींवा कांग्रेस नेता और उप सरपंच साहिल खान ने कहा कि प्रतिबंधित हॉर्न और तेज बाइक को लेकर युवाओं और नाबालिकों में कानून का डर नहीं है। समय समय पर इनके विरुद्ध कार्यवाही करनी चाहिए ताकि इनकी कानून के प्रति भय बना रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष ढालेंद्र वर्मा का कहना है कि असमाजिक तत्व एवं बिगड़ैल नवयुवकों युवकों द्वारा तेज रफ्तार बाइक चलाई जा रही है। इसे रोकने में प्रशासन पूरी तरह लचर है। नाबालिकों सहित पलकों पर हो कार्यवाही।
चरौदा हाइवे पर सीधे साधे ग्रामीणों, उद्योग कर्मियों, दूध बेचने वाले लोगों पर पुलिस का डंडा आज कल रोज चल रही है, बकायदा यातायात पुलिस अपनी वाहन खड़ी कर लायसेंस और पेपर के नाम पर चालान काटती है। मगर जो हाइवे और अंदर रिहायशी इलाकों में लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है उस पर इनकी नजर नही जाती है। इस तेज बाइक चालको एवम प्रतिबंधित हार्न के खिलाफ पुलिस को स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों व मीडिया के तरफ से कई बार इसकी रोकथाम के लिए निवेदन किया गया था मगर पुलिस के द्वारा किसी भी प्रकार से धरातल पर रोकथाम की कार्यवाही नही दिखती। कार्रवाई करेगी पुलिस समय समय पर पुलिस ऐसे वाहनों पर कार्यवाही करती है। अगर इस तरह की शिकायत है तो पुलिस निगरानी कर बाईकर्स के ऊपर कार्यवाही करेगी।























