शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल वि.खं.- बसना मे बाल केबिनेट का गठन

शुकदेव वैष्णव, राजधानी ब्यूरो,काकाखबरीलाल/बसना: विद्यालय व्यवस्था की सफल संचालन के लिए कार्य समन्वय, सूचना आदान- प्रदान, नवाचार गतिविधियां ,पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने, व्यायाम, विभिन्न खेल आयोजित कराने, प्रार्थना, बालसभा ,विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए प्रधान पाठक श्रीयुत श्रीराम साहू की देखरेख में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरेकेल विकासखंड -बसना में बाल केबिनेट का चुनाव आयोजित कर बाल केबिनेट का गठन किया गया।

इसमें प्रधानमंत्री-कु. गौरी साव,उप प्रधानमंत्री- कु. नीलम यादव ,प्रार्थना विभाग -कु. प्रियंका सिदार,वृक्षारोपण एवं पर्यावरण विभाग- गनेसर साव, स्वास्थ्य विभाग- कु. जयंती भोई, क्रीडा एवं योग विभाग- रोशन निषाद ,स्वच्छता विभाग -जगदीश बरिहा,सांस्कृतिक एवं कला विभाग -मुस्कान परवीन ,समय चक्र विभाग -रितेश भोई ,मध्यान्ह भोजन विभाग -कु. पिंकी साहू, खोया -पाया विभाग- मुस्कान परवीन ,पुस्तकालय एवं विज्ञान विभाग-रोशन गिरी ,कक्षा प्रतिनिधि छठवीं-कु. कोमल एवं कान्हा देवांगन, कक्षा प्रतिनिधि सातवीं हेमलता एवं भावेश ,कक्षा प्रतिनिधि आठवीं -कु.रीना एवं राहुल को विभिन्न कार्यों के निर्वहन के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई ।इस अवसर पर प्रधान पाठक श्रीराम साहू द्वारा पद की शपथ ईमानदारी और जिम्मेदारी से करने के लिए करवाया गया ।

बाल केबिनेट के शपथग्रहण के अवसर पर शिक्षक प्रेमचंद साव ने कहा की छात्रों का सर्वांगीण विकास शिक्षा का प्रमुख लक्ष्य होता है ,जिसके लिए अपने दायित्व को समझने के लिए लोकतंत्र एवं संविधान के प्रति निष्ठा भावना का प्रसार करने के लिए बाल केबिनेट का गठन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इससे छात्र-छात्राएं सामूहिकता के महत्व को समझ कर सामुदायिक सहभागिता की भावना जागृत होने के साथ-साथ छात्रों में मुखर अभिव्यक्ति एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। सभी बाल कैबिनेट के सदस्यों को बधाई देते हुए शिक्षिका श्रीमती विनीता तांडी ने कहा की बाल केबिनेट के गठन से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के बीच समन्वय का कार्य करता है ।बाल केबिनेट के गठन के अवसर पर शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष श्री गोवर्धन नंदे ,उपाध्यक्ष विजय चौहान,प्रतिभा बी.एड.महाविद्यालय सरायपाली से शिक्षण मे आये प्रशिक्षणार्थी सरिता साव,बनिता साव एवं अस्मिता साईं का विशेष योगदान रहा।





























