बिना रथ पर सवार कराए एवं बिना भीड़भाड़ के सादगी पूर्ण तरीके से मनाया गया रथ यात्रा उत्सव

नंदकिशोर अग्रवाल/ काकाखबरीलाल/पिथौरा नगर- प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी महासमुंद जिले के पिथौरा नगर में भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर में रथ यात्रा का बिना भीड़भाड़ के ही आयोजन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सशर्त अनुमति मिलने पर पिथौरा में प्राचीन भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी को तथा बहन सुभद्रा एवं बलभद्र जी को मंदिर के प्रांगण में दर्शनार्थियों के दर्शन हेतु विराजमान किया गया। मंदिर समिति एवं पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में सुबह 7:00 बजे से ही भगवान श्री जगन्नाथ जी की पूजा अर्चना के पश्चात सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तथा चेहरे पर मास्क लगाए हुए भगवान श्री जगन्नाथ एवं बहन सुभद्रा एवम बलदाऊ जी के दर्शन हेतु मंदिर परिसर में कतार में खड़े नजर आए। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्यों ने संवाददाता काका खबरीलाल को बताया कि सादगी पूर्ण तरीके से सुप्रीम कोर्ट द्वारा सशर्त अनुमति मिली है। जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन के साथ ही चेहरे पर मास्क लगाना एवं भीड़ भाड़ नहीं होने देना के साथ आयोजन करने का अनुमति मिली है। सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक भगवान जी के दर्शन नगरवासी कर सकेंगे। इसके बाद भगवान जी को रथ मैं सवार करा कर उनके मौसी के घर तक ले जाया जाएगा। बड़ी बात है कि विश्व में फैली करोना नामक महामारी के चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूरे देश में श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के आयोजन पर रोक लगा दी थी। जिससे पूरे देश में भक्तों में निराशा छा गई थी। लेकिन हमारे देश में ईश्वर पर आस्था काफी प्रबल है और क्षेत्र वासियों का मानना है कि भगवान की इच्छा के अनुसार ही सब काम हो रहा है। और प्रभु इच्छा के अनुसार सुप्रीम कोर्ट से भगवान श्री जगन्नाथ जी के विश्व प्रसिद्ध त्यौहार को हम देशवासियों को मनाने की अनुमति सशर्त मिल गई है। पिथौरा में भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा पुलिस प्रशासन तथा मंदिर के कार्यकर्ताओं के द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई। वैसे भी आज मंगलवार होने के कारण पूरा पिथौरा बंद था। अतः बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी कम थे एवं शासन की मंशा अनुरूप पिथौरा में रथ यात्रा का आयोजन किया गया ।रथ यात्रा के आयोजन में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ नगर के गणमान्य नागरिक मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा । विदित हो कि हर साल पिथौरा में धूमधाम से रथ यात्रा का आयोजन होता था जिसमें की मीना बाजार, झूले तथा मेले का खास आकर्षण रहता था लेकिन इस वर्ष करोना नामक महामारी के चलते मेला तथा मीना बाजार झूले इत्यादि से पिथौरा नगर के नागरिक तथा बच्चे आनंद लेने से वंचित रह गए तथा सादगी पूर्ण तरीके से भगवान श्री जगन्नाथ की की रथयात्रा का आयोजन पारम्परिक रूप से सपन्न हुवा।

























