बैंको के मर्जर के केंद्र की नीति के विरोध में आए बैंक संगठन, 22 को रहा एक दिवसीय बन्द..

जॉन सेमसन (झलप)
देश-दुनिया/काकाखबरीलाल । वित्तीय संकट के दौरान देश भर मे वित्तमंत्री के फैसले के विरोध में तमाम बैंकों के संगठनो ने बन्द का आह्वान किया था। जिसमे 22 अक्टूबर को लेन देन प्रभावित रहा।काले बैक ग्राउंड के साथ बैंक बन्द के आह्वान का एआईईबीऐ -बी ई एफ आई नामक संगठन ने पोस्टरों के जरिये अपनी बात का ज़िक्र किया है।बता दे कि एआईईबीऐ
(आल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एससोसिएसन)देश के सबसे पुराने और वृहद संगठन में से है बैंकिंग कर्मियों और ट्रेड यूनियन का यह संगठन 1946 से कार्यरत है।कार्य बंद करने के पोस्टर में बेंको के विलय को रोकने, बैंकिग सेक्टर में बदलाव,ख़राब लोन की वसुली को सुनिश्चित करने,बैंक डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही,ग्राहकों को कई तरह से वसुली के विरूद्ध,सर्विस चार्ज वृद्धि को रोकने,जमा पुंजी पर अधिक ब्याज दर देने ,बैंकिंग कर्मियों के नौकरी सुरक्षित रखने की मांग लिए यह पोस्टर अंग्रेजी में होने से अधिकांश ग्रामीण जनता के समझ मे नही आ सका है।

























