देवधारा जलप्रपात से उठी आस्था की लहर, हजारों कांवरियों ने भक्ति भाव से किया कूच

नंदकिशोर अग्रवाल,काकाख़बरीलाल@पिथौरा। सावन मास के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के रंग में रंगकर बोल बम कांवरिया संघ के तत्वावधान में हजारों शिवभक्तों ने देवधारा जलप्रपात से पवित्र जल भरकर नगर में भव्य कांवर यात्रा निकाली। भगवा वस्त्रों में सजे श्रद्धालु जब हर हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ नगर भ्रमण पर निकले, तो वातावरण शिवमय हो गया। यह भक्ति यात्रा सिरपुर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक गंधेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक हेतु आज सोमवार को रवाना हुवे।
यात्रा के दौरान नगरवासियों द्वारा जगह-जगह कांवरियों का स्वागत किया गया। भक्तों की टोलियों के साथ डमरू की गूंज, ढोल-नगाड़ों की ताल और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि ने सम्पूर्ण नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन न केवल शिवभक्ति की एक परंपरा है, बल्कि सामाजिक एकता और संयम का सशक्त प्रतीक भी बन गया है। बोल बम कांवरिया संघ द्वारा प्रतिवर्ष सावन मास में यह यात्रा आयोजित की जाती है। इस वर्ष संघ के अध्यक्ष आकाश अग्रवाल के नेतृत्व में यात्रा को भव्य रूप प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि शिवभक्ति की साधना है जो समाज को सेवा, समर्पण और सौहार्द का संदेश देती है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न पड़ावों पर जलपान, प्राथमिक उपचार, चिकित्सा सहायता और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। इसी तारतम्य में हर वर्ष की भांति बया रोड में स्थित ओम ट्रेडर्स के द्वारा भी लगातार पिछले 28 वर्षों से चलाए रहे अपने सेवा के कार्यक्रम को आगे बढ़ते हुवे इस वर्ष भी आम भंडारे का आयोजन जारी रखा। जिससे कांवर यात्रियों को आराम और भोजन की संतुष्टि मिल सके।इसके आलावा कई सामाजिक लोगों ने सेवा शिविर लगाकर यात्रा में सहयोग प्रदान किया। कांवरिये सिरपुर पहुंचकर गंधेश्वर महादेव के पावन शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे और समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करेंगे।
सिरपुर स्थित गंधेश्वर महादेव मंदिर छत्तीसगढ़ का एक प्राचीन और ऐतिहासिक शिवधाम है, जो महानदी के तट पर स्थित है। यह मंदिर 8वीं शताब्दी के सोमवंशी शासकों के समय का माना जाता है और अपनी अद्भुत शिल्पकला, भव्य स्थापत्य और आध्यात्मिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। गंधेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव लिंग रूप में विराजमान हैं और सावन माह में यहां श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ती है। मंदिर परिसर में बुद्धकालीन स्तूपों और भग्नावशेषों के दर्शन भी होते हैं, जो सिरपुर को हिन्दू-बौद्ध सांस्कृतिक संगम का जीवंत प्रमाण बनाते हैं।
बोल बम कांवरिया संघ की इस विशाल और सफल यात्रा के पीछे समिति के समर्पित पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। संघ के अध्यक्ष आकाश अग्रवाल के नेतृत्व में अनंत सिंह वर्मा, हरजिंदर सिंह “पप्पू”, नरेंद्र सेन, विक्की सलूजा, राजेश गोयल, जितेंद्र सिन्हा, जतिन ठक्कर, निलेश ठक्कर, नरेंद्र डड़सेना, प्रियांशु दीक्षित, बबलू सोनी, इंद्रजीत सिन्हा, अनिमेष डे, दुर्गेश सिन्हा, अभिनव मिश्रा, तरुण सिन्हा, अंकित शर्मा, मोनू सलूजा, राजू निर्मलकर, रवि आर.के., संजय सिन्हा, कोमल चौबे, रमेश सिन्हा व अन्य लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इन सभी पदाधिकारियों ने यात्रा की योजना, व्यवस्थापन, सेवा कार्य और श्रद्धालुओं की सुरक्षा-सुविधा में उल्लेखनीय योगदान दिया, जिससे यह भक्ति यात्रा न केवल भव्य, बल्कि अनुशासित और प्रेरणादायक बन सकी।
























