सात माह से सचिवों को नही मिला है वेतन… आर्थिक समस्याओं के चलते अटके हैं उनके कई जरूरी कार्य…

काकाखबरीलाल,सरायपाली ।सचिवों को विगत 7 माह से वेतन न मिलने से उन्हें कई तरह की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एक तो सचिवों को हमेशा अपने मुख्यालय से लेकर ब्लॉक मुख्यालय में पहुंचना पड़ता है. इसके चलते भी सचिवों को बिना वेतन के कई समस्याऐं आ रही हैं. इस वर्ष समय पर वेतन न मिलने के कारण दीपावली का त्यौहार भी उनके लिए फीका रहा. अब तीन महीने का आबंटन पहुंच चुका है लेकिन बैंक बंद होने की वजह से इसमें भी वक्त लगेगा. हालांकि अधिकारी बैंक खुलते ही सचिवों को वेतन प्राप्त हो जाने का दावा कर रहे हैं परंतु सचिवों को अभी भी संशय है कि इस वर्ष वेतन मिलेगा या अगले साल तक इंतजार करना पड़ेगा.
लंबे समय से वेतन न मिलने पर सचिवों को अपने घरेलू कार्य चलाने में भी पैसे नही हैं. प्रतिमाह दूध, राशन, टीवी रिचार्ज, मोबाईल के अलावा अन्य जरूरी दैनिक उपयोगी कार्यों के लिए राशि की आवश्यकता पड़ती है. खासकर प्रतिमाह लगने वाले बड़े खर्च बीमा, बच्चों की स्कूली फीस से लेकर कई अन्य जरूरी कार्य वेतन न मिलने से अटके हुए हैं. सचिवों के मुताबिक उनक ो आवश्यक कार्यों के लिए ब्याज से पैसे लेना पड़ रहा है. जानकारी के मुताबिक सचिवों को पहले मानदेय मिलता था अब उनका वेतन का स्केल बना हुआ है. इसके चलते तथा चुनाव कार्य की व्यस्तता के चलते भी सचिवों को वेतन आबंटन में बिलंब हुआ है. एक तो पंचायत विभाग की ओर से आबंटन न होने की स्थिति उन्हें वेतन मिलना संभव नही हो पाता है. विगत 7 महीने में कई तीज त्यौहार आए जो वेतन के अभाव में फीका रहा.
केवल 3 माह का है आबंटन
इस संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जी डी सोनवानी से पूछे जाने पर बताया कि अभी 3 महीनें का आबंटन आ चुका है. बैंक खुलते ही सचिवों के खाते में पैसा जमा हो जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि पहले सचिवों को मानदेय मिलता था अब उनका स्केल फिक्स हुआ है. इस वजह से भी उनके वेतन बनने में समय लगा. बचत राशि भी आबंटन मिलते ही जारी कर दिए जाने की बात उन्होंने कही. एरियर्स राशि के बारे में पूछे जाने पर बताया कि जब ऊपर से आएगा इसके बाद ही जमा होगा.
इस संबंध में सचिव संघ के ब्लॉक अध्यक्ष रामकुमार नायक से पूछे जाने पर बताया कि राशि के अभाव में आर्थिक समस्या से जुझना पड़ रहा है एवं परिवार चलाने में परेशानी हो रही है. नए वेतन स्केल से ट्रेजरी में भी परेशानी आई है. वेतन की मांग को लेकर उनके संघ द्वारा ब्लॉक एवं जिला सीईओ के समक्ष की अपनी समस्या बता चुके हैं.
























