
पिथौरा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निजी भू-स्वामियों को अपने ही भूमि पर खुद के मकान निर्माण सरकार द्वारा ऋण प्रदान किए गए थे। इसी क्रम में बीएलसी के अंतर्गत यूएलबी ने रिपोर्ट जारी किए है। इसमे पूरे प्रदेश में पहले नंबर पर पिथौरा है, जहाँ 60 मकानों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंर्तगत स्वीकृत किया गया था। इसमे निर्माणाधीन मकान और वे जिनका निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी संख्या 15 है। इसमे पिथौरा का बढ़त प्रतिशत 25.00 है, पूरे प्रदेश में यह सर्वाधिक अंक है।
इस रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर का रैंक दूसरे स्थान पर आया है। यहां स्वीकृत मकानों की संख्या 830 है जिनमे से 196 मकान वर्तमान में निर्माणाधीन व पूर्ण इसी आधार पर प्रदेश में बिलासपुर का बढ़त प्रतिशत 23.61 प्रतिशत है। बिलासपुर ने इस आंकड़े के अनुसार पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान बनाया है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 830 निजी भू-ग्राहियों के ऋण को स्वीकृत किया गया है।
इस आंकड़े में तीसरा स्थान चुरा का आया है। इसमे 284 मकानों को स्वीकृत किया गया है। जिसमे 44 निर्माणाधीन व पूर्ण मकान शामिल है। चुरा को यूएलबी द्वारा 17.74 प्रतिशत दिया गया है। चौथे स्थान पर डोंगरगढ़ शामिल है जहां मकानों की संख्या 640 है इसमें से 110 निर्माणाधीन व पूर्ण मकान शामिल है। 17.19 प्रतिशत के साथ डोंगरगढ़ ने अपना चौथा स्थान बनाया है। इस आंकड़े में किरंदुल 80 मकानों में से 13 निर्माणाधीन व पूर्ण मकानों के आधार पर 16.25 प्रतिशत के साथ पांचवे स्थान पर है।

























