सरायपाली: घर में खिला ब्रह्म कमल


सरायपाली। आमतौर पर कमल का फूल तालाबों की शोभा बढ़ाता है, लेकिन सरायपाली अंचल में एक ऐसे प्रकृति प्रेमी हैं, जिन्होंने दुर्लभ किस्म के कमल के फूलों को अपने घर में ही उत्पन्न कर लिया है। उनके द्वारा खिलाए गए फूलों को देखने के लिए आसपास के अनेक लोग पहुंचते हैं और इस विशेष उपलब्धि के लिए उनकी प्रशंसा भी करते हैं। बीते दिनों फूलों का अवलोकन किया और इस संबंध में उनसे विशेष चर्चा की।
कमल को राष्ट्रीय फूल का दर्जा दिया गया है। यहां कमल को सिर्फ फूल की तरह नहीं उगाया जाता, बल्कि इसके औषधीय और धार्मिक महत्व भी हैं। कमल के फूल को हिंदू देवी-देवताओं को चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है। त्योहारों के समय बाजार में इसकी काफी मांग भी होती है, लेकिन कमल का फूल हर जगह नहीं मिल पाता, क्योंकि यह तालाब, नदी, सरोवर जैसे जलीय स्थान पर ही पाया जाता है। लेकिन अंचल के प्रकृति प्रेमी ग्राम ईच्छापुर निवासी नंदलाल बरिहा सेवानिवृत्त फोरमैन छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल ने अपने घर के आंगन में एक पानी टंकी बनाकर दुर्लभ नील कमल लगाए हैं, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह नील कमल साल में सिर्फ एक बार दिन के 12 बजे से 2 बजे तक ही खिलता है। इसके अलावा उनके द्वारा ब्रह्म कमल भी लगाया गया है, जो जुलाई में रात्रि 12:00 बजे से 2:00 बजे तक खिलता है। नीलकमल के खिलने से उसके चारों ओर आकर्षण एवं सुंदरता दिखाई देती है।
ब्रह्म कमल घर में लगाने से आती है सुख-समृद्धि
श्री बरीहा ने बताया कि उनके द्वारा सभी पुष्प बांगौर डैम से लाये गए हैं। दुर्लभ ब्रह्म कमल घर में लगाने से सुख-समृद्धि के साथ-साथ घर में सकारात्मक का वातावरण बना रहता है। ज्योतिषों के अनुसार शिवजी को ब्रह्म कमल अर्पित करने से वे तुरंत ही प्रसन्न होते हैं और घर में यह फूल लगाने से शिवजी का आशीर्वाद मिलता है।

























