देश-दुनिया

लालु का मनेगा नया साल जेल में

​देश दुनिया बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर रांची की सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है. देवघर चारा घोटाला केस में लालू यादव को कोर्ट ने दोषी करार दिया है. जैसे से कोर्ट ने लालू यादव को दोषी करार दिया उन्हें वहां से सीधे बिरसा मुंडा जेल ले जाया गया. हालांकि, उनकी सजा पर अभी फैसला नहीं दिया गया है. कोर्ट 3 जनवरी को सजा का ऐलान किया जाएगा.

लालू यादव समेत कुल 22 लोग देवघर चारा घोटाले में आरोपी थे, जिसमें से 16 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जबकि बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और ध्रुव भगत समेत 6 लोगों को बरी कर दिया गया है. लालू को दोेषी करार देते ही बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है.

दोषी करार देने के बाद लालू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि बीजेपी अपनी विफल नीतियों से ध्यान भटकाने के लिए बदले और बैर की भावना से विपक्षियों की छवि बिगाड़ रही है. उन्होंने लिखा कि लालू परास्त होने वाले नहीं है.

वहीं लालू की पार्टी आरजेडी ने इसे राजनीति से प्रेरित फैसला करार दिया है. RJD प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि लालू पिछड़ी जाति से हैं इसलिए इस तरह की सजा की दी गई है. जैसे ही आरजेडी प्रवक्ता ने इसे जाति रंग देने की कोशिश की, ठीक उसी वक्त JDU की ओर से नीरज कुमार ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि लालू को कानून का इंजेक्शन मिला है.

लालू को दोषी करार देने पर आरजेडी के तमाम नेता मैदान में कूद पड़े हैं. रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी झुकने वाली नहीं है, और मजबूती से उभर कर आएगी. वहीं मनोज झा ने सीबीआई की ओर इशारा करते हुए कहा कि कल तक जो पिंजड़ा वाला तोता था आज वो चिप पर काम कर रहा है. और इस चिप को 11 अशोका रोड से संचालित किया जा रहा है. जो इनके पास 11 अशोक रोड जाकर नतमस्तक हो जाता है वो धुल जाता है. 11 अशोक रोड पर इनके पास वॉशिंग मशीन है. जो नहीं जाता, उसे ये प्रताड़ित करते हैं.

लालू को दोषी करार देने के फैसले पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोर्ट के फैसले पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि लालू पर फैसले पर राजनीति ठीक नहीं है. वहीं राम विलास पासवान ने कहा कि लालू ने अपने साथ-साथ पूरे परिवार को डुबो दिया. राम विलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान ने कहा कि न्याय प्रक्रिया पर सवाल उठाना गलत है.

ये है पूरा केस

साल 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से पशु चारे के नाम पर अवैध ढंग से 89 लाख, 27 हजार रुपये निकालने का आरोप है. इस दौरान लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे. हालांकि, ये पूरा चारा घोटाला 950 करोड़ रुपये का है, जिनमें से एक देवघर कोषागार से जुड़ा केस है. इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्टूबर, 1997 को मुकदमा दर्ज किया था. आज लगभग 20 साल बाद इस मामले में फैसले की घड़ी आई है.

इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़, 70 लाख रुपये अवैध ढंग से निकालने के चारा घोटाले के एक दूसरे केस में सभी आरोपियों को सजा हो चुकी है.

ये हैं आरोपी

इस केस में लालू प्रसाद के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा एवं ध्रुव भगत, आर के राणा, तीन आईएएस अधिकारी फूलचंद सिंह, बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद, कोषागार के अधिकारी एस के भट्टाचार्य, पशु चिकित्सक डा. के के प्रसाद तथा शेष अन्य चारा आपूर्तिकर्ता आरोपी थे. सभी 38 आरोपियों में से 11 की मौत हो चुकी है, जबकि तीन सीबीआई के गवाह बन गए हैं. वहीं दो ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था, जिसके बाद उन्हें 2006-07 में ही सजा सुना दी गई थी.

कितनी हो सकती है सजा

लालू के वकील चितरंजन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में यदि लालू और अन्य को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें अधिकतम सात साल और न्यूनतम एक साल की कैद की सजा होगी. हालांकि, सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में गबन की धारा 409 के तहत 10 साल और धारा 467 के तहत आजीवन कारावास की भी सजा हो सकती है.

AD#1

काका खबरीलाल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. kakakhabarilaal@gmail.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!