सरायपाली: स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा का अनावरण



सरायपाली :- दुर्गा उमावि लंबर में राष्ट्रीय युवा दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह की मुख्य अतिथि रासेयो के महासमुंद जिला संगठक डॉ मालती तिवारी थीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य जीपी पटेल ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बसना ज.पं. अध्यक्ष रुक्मणी सुभाष पटेल, सागरपाली सरपंच कालिंद्री मुन्ना अग्रवाल, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष गुलाबसिंह तोमर, उपाध्यक्ष कमलेश चौरसिया, सचिव मदन चौरसिया, डॉ भीमराव अंबेडकर मवि बलौदा के प्राचार्य अनिता पटेल, सेवानिवृत प्राध्यापक डॉ पितांबर साहू, बड़े साजापाली प्राचार्य यूएस पटेल, रामचंडी महाविद्यालय प्राचार्य डॉ एनके भोई, बजरंग अग्रवाल, दुखीश्याम पटेल, घसिया सिदार, लक्ष्मी गणेश बरिहा, संगीता चौरसिया श्यामसुंदर चौधरी, धर्मेंद्र पटेल, कमलेश साहू, रुपेश प्रधान आदि उपस्थित थे।अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात स्कूल परिसर में स्थापित विवेकानंद जी की प्रतिमा का अनावरण मुख्य अतिथि के करकमलों से किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ मालती तिवारी ने कहा कि विवेकानंद जी ने सच्ची निस्वार्थ सेवा को ही अपना कर्म माना है और राष्ट्रीय सेवा योजना भी इसी सेवा भाव के साथ आगे बढ़ रही है। सेवा करने की प्रेरणा एवं ऊर्जा हमें जिस महापुरुष से मिलती है उनकी यह प्रतिमा हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी। विवेकानंद ने समाज को मानव सेवा, राष्ट्रवाद, मानवता एवं समरसता का संदेश दिया है। विवेकानंद ने कहा था कि आपके भीतर ही सब कुछ है। हमारा मन ही तो है जो हमको अच्छा और बुरा कराता है। मन को अगर अपने वश में रखकर विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़े तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्राध्यापक डॉ पितांबर साहू ने विवेकानंद को अत्यंत तेजस्वी, यशस्वी, ओजस्वी, तत्ववेत्ता, अध्यात्म के प्रखर ज्ञाता, महान साधक बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने ज्ञान के प्रकाश से पूरी दुनिया को आलोकित किया है। गुरु रामकृष्ण परमहंस की सानिध्य में आकर नरेंद्रनाथ से विवेकानंद बन गये। विवेकानंद जी की जयंती को युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। युवा को पलट दे तो वायु बन जाता है जिस प्रकार वायु में प्राण दायिनी शक्ति होती है उसी तरह युवाओं में भी समाज में प्राण फूंकने की शक्ति होती है। युवा अगर आगे आए तो घर परिवार, देश दुनिया की तस्वीर बदल सकती है। समारोह को कालिंदी अग्रवाल, रुक्मणी पटेल, कमला दीवान, युएस पटेल आदि ने भी संबोधित करते हुए विवेकानंद जी की जीवन चरित्र को आत्मसात करने आह्वान किए। इसके पूर्व प्राचार्य जीपी पटेल ने स्वागत भाषण प्रस्तुत की।
इस अवसर पर विवेकानंद जी की प्रतिमा स्थापित करने में सहयोग प्रदान करने वाले दानदाता अनुज बंजारा, दुखी श्याम पटेल का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में महात्मा गांधी जी की भी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा बजरंग अग्रवाल एवं लालचंद अग्रवाल द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता आरके पटेल ने की। समारोह में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी दयानिधि चौधरी, रीचा पटेल, संतोष टंडन, एसपी पटेल पैकिन प्राचार्य वाय भोई, समिति सदस्य रघुराम पटेल, अजय जायसवाल, यू अली, रामकुमार मैत्री, बीएल साहू, जेके जायसवाल, सीआर जायसवाल, एल के साहू, एके विश्रा, एमडी मानिकपुरी, टीआर जायसवाल, फत्ते बरिहा शिव मैत्री सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।

























