
नंदकिशोर अग्रवाल, काकाख़बरीलाल @पिथौरा नगर। विगत दिनों पिथौरा नगर में अवर्षा के कारण विकट स्थिति उत्पन्न हो गई थी। खेतों में लगी धान की फसल मरने के कगार पर पहुंच गई थी।जिससे गांव के लोगों के साथ क्षेत्र के किसानों के चेहरों पर चिंता को लकीर साफ देखी का रही थी। तभी नगर के लोगों ने छत्तीसगढ़ी परंपरा एवम मान्यता के अनुसार बारिश के लिए स्थानीय देवी देवताओं से पूजा पाठ के माध्यम से वर्षा की विनती की । जिसके तहत स्थानीय रावण भाटा में मेंढक मेंडकी का विवाह संपन्न कराया गया। पिथौरा नगर के रावण भाटापारा में मोहल्ले के समस्त महिला एवम पुरुषो ने मिलकर छत्तीसगढ़ी रीति रिवाज के साथ वैवाहिक कार्य को संपन्न कराया जिससे कि नगर में पर्याप्त वर्षा हो सके। मेंढक मेंडकी के इस विवाह में नगर पंचायत के लोकप्रिय अध्यक्ष आत्माराम यादव ने विवाह स्थल पर पहुंचकर वैवाहिक रीति रिवाज को संपन्न कराया एवं मेंढक मेंडकी के इस विवाह में अपना पूर्ण सहयोग दिया।वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद खीरू पटेल ने भी इस विवाह में अपना पूर्ण सहयोग दिया। इसमें रोचक बात या रही कि विगत कई दिनों से नगर में अवर्षा की स्थिति बनी हुई थी और रावण भाटापारा मेंढक मंडकी के विवाह के तुरंत बाद नगर में जोरदार बारिश हुई और विगत दो-तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे नगर वासी प्रसन्नचित है साथ ही क्षेत्र में मरती हुई फसलों में भी नई जान आ गई।जिससे क्षेत्र के चेहरों में रौनक देखी जा रही है। पुरानी परंपरा के अनुसार पूर्ण विधि विधान से सारे कार्यक्रम को रीति रिवाज के साथ निभाया गया।मेंढक एवं मेंढकी को हल्दी लगा कर बाकायदा कार में सवार हो कर निकासी निकली गई। कार के आगे नागरिक नृत्य करते नजर आए।ततपश्चात दोनों का फेरे कराए गए और रस्मोरिवाज के साथ बिदाई भी कराई गई।विवाह के दौरान ही इंद्र देव प्रसन्न हुवे और जोरदार बारिश कर सभी को तरबतर कर दिया।

























