सरायपाली : नहीं है स्कूल का मुख्य गेट बच्चों के लिए बना खतरा

स्कूली शिक्षा को लेकर शासन भले ही लाख दावे करे, लेकिन धरातल पर देखा जाए तो आज भी कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है और उन्हीं के बीच शिक्षक एवं विद्यार्थी अध्यापन अध्ययन करने के लिए विवश हैं। कई स्कूलों में गेट नहीं होने से बच्चों पर हर वक्त खतरा मंडराते रहता है। लेकिन इस ओर विभाग उदासीन बना हुआ है। ऐसा ही मामला ग्राम पैकिन के शासकीय प्राथमिक शाला का है, जो मुख्य सड़क किनारे पर संचालित है। यहां गेट नहीं होने की वजह से बच्चों पर हमेशा खतरा मंडराते रहता है।

प्राथमिक शाला पैकिन मुख्य मार्ग के ठीक किनारे पर स्थित है, जिसमें गेट नहीं होने की वजह से
स्कूल के बच्चे पूरी तरह असुरक्षित हैं। यहां 39 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहीं पैकिन में शासकीय मिडिल स्कूल तथा शासकीय हाई स्कूल भी है, लेकिन उन स्कूलों के अहाता के साथ गेट भी लगा है, जिसके कारण वहां के बच्चों पर कोई खतरा नहीं है। लेकिन प्राथमिक शाला में गेट नहीं
किनारे स्कूल होने के कारण बच्चे अक्सर स्कूल परिसर से बाहर रोड पर निकल जाते हैं। बच्चे अगर स्कूल परिसर में खेलते भी हैं तो शिक्षकों का ध्यान उन बच्चों पर ही लगा रहता है कि कहीं कोई बच्चा रोड पर तो नहीं चला गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग को किसी प्रकार की चिंता नहीं है। हर वक्त बच्चे असुरक्षित रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर अभिवावक तब तक परेशान रहते हैं जब तक उनका बच्चा वापस घर नहीं आ जाता है। खासकर छुट्टी के समय दुर्घटना की आशंका ज्यादा होती है। प्रधान पाठक मनबोध मुन्ना ने कहा कि चारदीवारी व गेट के नहीं रहने से असुरक्षा तो है। इसके लिए शिक्षा विभाग को
होने के कारण बच्चे हमेशा स्कूल से छुट्टी होते ही दौड़ते भागते निकलते हैं। मुख्य मार्ग होने के कारण हमेशा राहगीरों एवं वाहन चालकों का आना जाना लगा रहता है। इससे बच्चों के साथ कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। इसके कारण बच्चों पर हमेशा खतरा मंडराते रहता है। मुख्य सड़क के सूचना दे दी गई है।
























