शिक्षक ने लोहे की बैसाखी से 5 वीं क्लास की बच्ची की कर दी बेदम पिटाई हाथ टूटा , BEO को लिखित शिकायत का इंतजार

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में टीचर ने 5वीं क्लास में पढ़ने वाली एक छात्रा को इतनी बुरी तरह पीटा कि उसके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। छात्रा की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह क्लास में बैठकर खिड़की (Window) से बाहर आसमान में उड़ रहे हेलिकॉप्टर (Helicopter) को देख रही थी। मामला सरकारी स्कूल का है। घटना के बाद छात्रा रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को बताया। इसके बाद परिजन उसे लेकर सामुदायिक केंद्र (Community Health Center) पहुंचे, वहां से बच्ची को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
छुरा विकास खंड के कनसिंघी प्राथमिक स्कूल में डोमेश्वरी साहू (Domeshwari Sahu) 5वीं क्लास की छात्रा है। रोज की तरह वह शुक्रवार को भी स्कूल गई थी। क्लास में हेड मास्टर टीपी शर्मा (TP Sharma) पढ़ा रहे थे। तभी स्कूल के ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला तो डोमेश्वरी खिड़की से बाहर देखने लगी। आरोप है कि यह देखकर हेड मास्टर ने उसे बुलाया और लोहे की बैसाखी से पीटा। इसके चलते उसके हाथ में चोट आ गई और वह रोने लगी। छुट्टी के बाद छात्रा रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को बताया। साधारण चोट समझ कर उन्होंने बच्ची का घर में ही देशी उपचार किया, लेकिन फायदा होते नहीं देख उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसकी हालत देख जिला अस्पताल (Distric Hospital) भेज दिया गया। वहां जांच के दौरान पता चला कि कोहनी के पास से बच्ची का हाथ फ्रैक्चर हो गया था। फिलहाल बच्ची की कोहनी में डॉक्टरों ने क्रैप बैंडेज लगा दिया है। कुछ दिन बाद फिर बुलाया है।
इस घटना के 4 दिन बाद भी स्कूल और शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। विकासखंड शिक्षा अधिकारी केएल मतावले (BEO KL Matawale) का कहना है कि उनके पास कोई शिकायत (Complain) नहीं आई है। जब लिखित शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे। वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी करमन खटकर (DEO Karman Khatkar) ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है। टीम बुधवार को रिपोर्ट (Report) देगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई (Action) की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग के दो बड़े अफसरों के बयान (Statements) से साफ होता है कि इस घटना (Incident) को लेकर वे कितने गंभीर हैं। डीईओ कह रहे हैं कि जांच के आदेश हो गए हैं, तो बीईओ इस बात पर अड़े हैं कि लिखित शिकायत मिलेगी, तभी कार्रवाई करेंगे। यानी बीईओ को बच्चे के हाथ टूट जाने के चार दिन बाद भी लिखित शिकायत का इंतजार है।























