छत्तीसगढ़

लाखों रुपये की कमाई करके देनें वाले शराब दुकानों में ‘उधार’ की बिजली, विद्युत विभाग ने दिखाई सख्ती…

आबकारी विभाग को लाखाें रुपये की कमाई करके देने वाली शराब दुकानों (Liquor shops) में उधार की बिजली जल रही है। ज्यादातर दुकानों में लंबे समय से बिजली बिल का भुगतान ही नहीं किया गया है। इसके चलते अब विद्युत विभाग ने कर्मचारी भेजकर लाइन काटने की कार्रवाई तेज की है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कचना स्थित अंग्रेजी शराब दुकान का बिजली कनेक्शन कट कर दिया गया। बिजली सप्लाई रुकने के बाद कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया। फ्रिजर मशीनों के बंद हो जाने की वजह से बीयर के शौकीनों को वापस लाैटाया गया। एक करीबी सूत्र ने बताया, दो दिन पहले मोवा स्थित देशी व अंग्रेजी शराब दुकान में भी बिजली विभाग के कर्मचारी लाइन काटने पहुंचे थे। यहां दिन के वक्त मीटर बंद कर दिया। जब बिल का भुगतान किया, तब लाइन वापस जोड़ा गया। (Excise) आबकारी विभाग ने शहरभर में शराब दुकानें संचालित करने के लिए महंगे भाड़े (expensive rent) पर जमीन किराए से ली गई है। कई जगहों पर खुद से शराब दुकान बनवाई है, जबकि कई जगह पहले से बने हुए भवनों में शराब दुकानों की शिफ्टिंग की गई है। यहां पर बिजली के लिए मीटर लगाए गए हैं, जिसका मेंटेनेंस भी आबकारी की ही तरफ से किया जाना है, लेकिन इसके बाद भी बड़ी दुकानों में बिल रोके जा रहे हैं। कचना शंकर नगर की शराब दुकान में अक्टूबर महीने से बिजली बिल का बकाया है। यहां पर ही 27 हजार रुपए से ज्यादा का हिसाब है। इस तरह से बाकी दुकानों में भी हजारों रुपए बकाया होने के बाद बिजली विभाग को भुगतान होने वाली राशि का तगड़ा हिसाब बताया जा रहा है। आबकारी अफसरों का तर्क है कि दुकानों में डिजिटल सिस्टम तैयार किया जा रहा है। बिल जनरेट होते ही आईडी से भुगतान किया जाएगा। कई जगहों पर बिगड़ी फ्रिज कई शराब दुकानों की फ्रिज खराब हो चुकी है। फ्रिज बदलने के लिए कर्मचारियों ने कंपनी को पत्र लिखा है। फ्रिज की खराबी की वजह से बीयर का शौक रखने वालों को गर्म बोतलों से ही गुजारा करना पड़ रहा है। पुरानी दुकानों से नई जगह पर शिफ्ट दुकानों में नई फ्रिज पहुंचाई गई हैं। शहर की ज्यादातर पुरानी दुकानों में अव्यवस्था होने से लोगोें को परेशानी हो रही है।

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छत्तरसिंग पटेल

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