छत्तीसगढ़

दीपावली स्पेशल : समाज के असली दीये हैं , जरूरतमंद 42 बच्चों को फ्री में शिक्षा दे रहीं राधिका

बालोद की राधिका गुप्ता (60 वर्ष) फ्री में एडमिशन देकर आर्थिक स्थिति से कमजोर बच्चों को पढ़ा रही है। जरूरत की चीजें उपलब्ध करा रही है। राधिका पेशे से प्राइवेट शिक्षक के साथ निजी स्कूल की संचालक है। वे निःस्वार्थ सेवाभाव से शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभावान बच्चों को आगे बढ़ाने काम कर रही है ताकि आर्थिक तंगी से किसी की पढ़ाई न रूकें। आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गरीब बच्चों को गोद लेकर निःशुल्क नर्सरी से 10वीं तक अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने का जिम्मा उठाई है। 42 बच्चों को फ्री में शिक्षा व सुविधाएं उपलब्ध करा चुकी हैं।

बंजर जमीन को उपजाऊ बना सब्जी की खेती, पहल से 110 लोगों को मिल रहा रोजगार
अर्जुन्दा निवासी गोविंदा पटेल (29) के नवाचार से 110 लोगों को रोजगार मिल रहा है। साथ ही इस किसान के बदौलत देश के 9 राज्यों में हमारे जिले के पपीते, केले, टमाटर, मिर्च की डिमांड है। खुद की जमीन न होने पर दूसरे किसानों से रेगहा में जमीन लेकर युवा किसान ने आधुनिक पद्घति, जैविक खाद का उपयोग कर सब्जी की खेती शुरू की तो पैसे की तंगी के चलते बैंक से कर्ज लेना पड़ा फिर टमाटर, मिर्च, पपीता, केला, खरबूजा, कलिंदर की खेती की। कोरोनाकाल के चलते लॉकडाउन और मार्च-अप्रैल में तूफान आने से नुकसान हुआ इसके बावजूद हार नहीं मानी। आज खुद सब्जियों को बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। लोगों को भी रोजगार दे रहा है। जिले के गुंडरदेही निवासी पद्मश्री शमशाद बेगम की पहल से वर्तमान में 2 जिले बालोद व दुर्ग के 4 हजार 500 परिवारों को रोजगार मिल रहा है। शमशाद बेगम महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर रोजगार दे रही है। साथ ही बैंकों से ऋण दिला रही है। जिसके बाद महिलाएं फिनाइल, गोबर का दिए, राखी, साबुन, तेल, ईंट, पोषण आहार व अन्य सामान तैयार कर रही हैं।

AD#1

काका खबरीलाल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. kakakhabarilaal@gmail.com

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!