शिशु मंदिर भारतीय संस्कृति का ध्वज वाहक – उपाध्याय

भंवरपुर (काकाखबरीलाल) । सरस्वती शिशु मंदिर भंवरपुर में आज संकुल स्तरीय एक दिवसीय आचार्य वर्ग प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ श्रमजीवी का पत्रकार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री करुणाकर उपाध्याय जी एवं अध्यक्षता कर रहे व्यवसायी श्री रोशन अग्रवाल जी एवं तहसील समन्वयक श्री साहनी दास मानिकपुरी जी के द्वारा मां सरस्वती, प्रणवाक्षर ऒम एवं भारत माता के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा अर्चना किया गया।

इस प्रशिक्षण वर्ग में बसना संकुल के अंतर्गत दो संकुल केंद्र बनाए गए हैं जिसने सल्डीह विद्यालय के संकुल प्रमुख श्री श्व़ेत प्रधान जी और भंवरपुर संकुल के श्री डिग्री लाल निषाद जी तथा समस्त विद्यालय प्रधानाचार्य एवं आचार्य दीदियों की गरिमामय उपस्थिति रही । मुख्य अतिथि करुणाकर उपाध्याय जी के द्वारा आचार्यों को संबोधित करते हुए कहा गया कि सरस्वती शिशु मंदिर भारतीय संस्कृति का ध्वज वाहक है यह संस्कारवान भविष्य का निर्माण हो रहा है। आचार्य के रुप में भैया बहनों को शिक्षा देना एक कठिन मार्ग है जहां शिक्षा के साथ साथ भैया बहनों हिंदू धर्म की परंपराओं एवं पर्वों का रक्षक है। जो आज भी भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार कर रही है । अतः भारतीय संस्कृति को बनाए रखने में इसका विशेष योगदान है और समाज व विश्व़ में इसका अलग पहचान है। प्रशिक्षण की अगली कड़ी में वंदना अभ्यास किया गया इस प्रकार अगले कालांश में स्थानीय विद्यालय के दीदी कु.सावित्री डड़सेना के द्वारा शैक्षणिक विषय संस्कृत के अंतर्गत संधि के प्रकार को बताया गया । संस्थान के योजनाओं को आचार्य दीदियों तक पहुंचाने के लिए आधारभूत विषय के बारे में जानकारी श्री सहनी दास मानिकपुरी जी ने दी। इस प्रकार अगले कालांश में स्थानीय विद्यालय के पूर्व आचार्य श्री येम कुमार पटेल जी के द्वारा शैक्षणिक विषय विज्ञान में रासायनिक अभिक्रिया को प्रयोग करके बताया गया इस प्रकार अंतिम कालांश में शारीरिक के अंतर्गत समता एवं व्यायाम किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मोतीलाल यादव जी के द्वारा किया गया सप्रेम भेंट के रूप में सभी दीदी आचार्य जी को हनुमान चालीसा भेंट की गई यह विद्यालय परिवार की ओर से दिया गया । उक्त जानकारी डिग्री निषाद जी ने दी।

























