भारत सरकार ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित फसलों की आठ नवीन किस्मों को मंजूरी प्रदान की

रायपुर (काकाखबरीलाल). कृषि विश्वविद्यालय की विकसित विभिन्न फसलों की आठ नवीन किस्मों को मंजूरी मिल गई है। इसकी अधिसूचना भारत सरकार ने जारी कर दी है। व्यावसायिक खेती एवं गुणवत्ता बीज उत्पादन के लिए अधिसूचित कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक और कामयाबी मिली है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने हाल ही में चावल, दलहन और तिलहन फसल के आठ नए किस्म को विकसित किया है। इन सभी फसलों की नई किस्मों को व्यावसायिक खेती एवं गुणवत्ता बीज उत्पादन के लिए भारत सरकार की ओर से अधिसूचित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में चावल की तीन नवीन किस्म – छत्तीसगढ़ राइस हाइब्रिड-2, बस्तर धान-1, प्रोटेजीन धान विकसित किया है।
दलहन की भी तीन नवीन किस्म विकसित की गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ मसूर-1, छत्तीसगढ़ चना-2, छत्तीसगढ़ अरहर-1 शामिल है। इसके अलावा तिलहन की दो नवीन किस्म है, जिसमें छत्तीसगढ़ कुसुम-1 तथा अलसी की आरएलसी-161 किस्मों शामिल है। अलसी की नवीन किस्म आरएलसी 161 छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर राज्यों के लिए अनुशंसित की गई है। आगामी वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इन सभी नवीन किस्मों को व्यावसायिक खेती के लिए गुणवत्ता बीजोत्पादन कार्यक्रम में लिया जाएगा, जिससे इन नवीन अधिसूचित किस्मों का बीज प्रदेश के किसानों को उपलब्ध हो सकेगा।





























