महांसमुद: गुड्डे की बारात बाजे-गाजे के साथ गुडियों के घर पहुंची

मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र और शोभन योग में अक्षय तृतीया पर्व मनाया जा रहा है। बहुत से जोड़ों की शादियां शहर में जारी है। इसके साथ ही आज ही पुतरा पुतनी बनाम गुड्डे और गुडिय़े की शादी भी हो रही है। गुड्डे की बारात बाजे-गाजे के साथ गुडिय़े के घर पहुंची है और रस्म अदायगी के बाद आज गुडय़ा भी विदा हो जाएगी।
मालूम हो कि मंगलवार को शहर और गांवों में शादियां ही शादियां हैं। जिसके चलते स्थानीय बाजार से लेकर सार्वजनिक परिवहनों में भीड़ देखी जा रही है। वहीं बीते दो सालों से कोरोना लॉकडाउन के बाद यह पहली बार शादी ब्याह बिना किसी पाबंदी हो रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव भी बाजार में भी देखा जा रहा है।
विलुप्त होती परंपरा पुतरा पुतरी के बिहाव अब फिर से जिंदा हो रही है। अपनी छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार ग्राम डिघारी में आज गुड्डे की बारात आई। बाजे की धुन पर बाराती नाचते रहे। बारात परघनी हुई। गुडिय़ा सजकर मंडप में आई और रस्म अदायगी हो रही है। कहा जाता है कि अक्षय तृतीया खरीदी के साथ- साथ ब्याह के लिए भी बहुत ही शुभकारी है और इसके बाद लगातार ब्याह के मुहूर्त भी हैं। पं. मनोज शुक्ला ने बताया कि जिस दिन का नाम ही अक्षय है वह सभी कार्यों के लिए शुभ है। इसलिए इस दिन बिना किसी मुहूर्त के आर हर शुभ और मांगलिक कार्य कर सकते हैं। इस दिन विशेष योग होने के चलते इसका प्रभाव और बढ़ गया है। नगर पंडित पंकज तिवारी का कहना है कि पचास वर्षों बाद आज मंगलवार को रोहिणी नक्षत्र में शोभन योग बन रहा है।
अक्षय तृतीया को शनि स्वराशि कुंभ और बृहस्पति स्वराशि मीन में विराजमान होंगे। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ और शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में विराजमान होंगे। साथ ही सूर्य भी अपने उच्च राशि में होंगे। गुरू के मीन में होने से हंस राजयोगए शुक्र के उच्च राशि में होने से मालव्य राजयोग और शनि के अपने घर में होने से शश राजयोग निर्मित हो रहा है।
























