
पिथौरा। समीपस्थ ग्राम छिबर्रा मे आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को शिव विवाह प्रसंग मे कथा सुनाते हुए कथा वाचिका साध्वी सुश्री राधा किशोरी जी ने कहा शिव जी जैसी उदारता दुनिया के किसी और देवी-देवता में नही है। शिव को आशुतोष कहते है यानी तुरंत प्रसन्न हो जाने वाला। जब भी कोई राक्षस तपस्या में जुटता था, इंद्र के कान खड़े हो जाते थे। देवराज बाकी देवताओं के साथ मिलकर बाकायदा लॉबीइंग करते थे, कि भोलेनाथ किसी राक्षस को वरदान ना दे। लेकिन देने के मामले में शिव ने कभी भेद नहीं किया। भक्त चाहे ईश्वर हो या राक्षस, जिसने मांगा उसे मिला, चाहे वो भस्मासुर ही क्यों ना हो। अमृत औरो में बांटा और विष खुद पी गये। भला कहां होगा पूरा दुनिया में कोई ऐसा दूसरा। सामूहिकता शिव का एक और गुण है, जो बहुत कम देवी-देवताओं में है। कथा श्रवण के क्षेत्रीय विधायक तथा संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ग्राम छिबर्रा पहुंच कर भगवान राम कथा सुनकर भाव विभोर हो गई।




























