
कोरबा(काकाखबरीलाल)। कटघोरा वन परिक्षेत्र के रेंजर द्वारा कराए गए बांस की अवैध कटाई के मामले को आखिरकार डीएफओ ने मामूली चूक करार दिया है। मजदूरों की गलती बताते हुए डीएफओ ने जांच रिपोर्ट में आरोपी रेंजर मृत्युंजय शर्मा को क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में इमानदारी की मिसाल पेश करते हुए अपने अफसर की करतूत उजागर कर वनरक्षक शेखर रात्रे ने कार्रवाई की थी। डीएफओ ने इस मामले में जांच रिपोर्ट सीसीएफ को सौंप दी है।
बताया जा रहा है कि ऐसा होने की पहले से संभावना जताई जा रही थी। इस घटना को मामूली चूक करार देने के बाद कटघोरा डीएफओ शमां फारूखी पर अपने करीबी कटघोरा रेंजर को बचाने का भी आरोप लग रहे हैं। मामला बाकीमोगरा इलाके के बांसवाड़ी का है, जहां करीब साढ़े 300 बांस की अवैध कटाई का मामला सामने आया था। इलाके के रेंजर मृत्युंजय शर्मा के इशारे पर बांस की कटाई की जा रही थी। इसी दौरान बिटगार्ड शेखर रात्रे मौके पर पहुंच गये और अवैध कटाई के इस मामले में अपने अधिकारी रेंजर और डिप्टी रेंजर व मजदूरों पर कार्यवाही कर वनरक्षक शेखर ने मौके पर अपने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी।
इस घटना का वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था, जिसके बाद बीटगार्ड को ईमानदारी और साहस का मिसाल करने पर जमकर सराहा गया था। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कटघोरा वनमंडल के बांकीमोंगरा हल्दीबाड़ी के रिज़र्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अवैध बाँस कटाई करने के खिलाफ की गई कारवाई के लिए पुरस्कार देने की मांग प्रदेश सरकार से की थी। गागड़ा ने आरक्षित वन क्षेत्र में इस तरह की अवैध कटाई को चिंताजनक बताते हुए अवैध कटाई के इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जाँच की मांग भी की थी।
पढ़िये पूरी स्टोरी क्या है…
बिना अनुमति बॉस कटाई से भड़के बिट गार्ड के सामने उच्च अधिकारी ( रेंजर) की कुछ नही चली, बिट गार्ड ने खूब ली क्लास… कहा- ज्यादा करोगे तो वर्दी उतरवा दूंगा…























