बलौदाबाजार

नजायज रिश्ते की डोर…ब्लैकमेलिंग की काली चादर और बदले की आग ने जिस भाजपा नेत को खून से रंग दिया था…उस मौत का स्याह सच 5 साल बाद सामने आया

( बलौदाबाजार काकाखबरीलाल).नजायज रिश्ते की डोर…ब्लैकमेलिंग की काली चादर और बदले की आग ने जिस भाजपा नेता को खून से रंग दिया था…उस मौत का स्याह सच 5 साल बाद हैरान करने वाले खुलासे के साथ सबके सामने आया। बलौदाबाजार में भाजपा नेता मालती बंजारे की मौत खुद के अवैध संबंध को बचाने और दूसरे के प्यार में रोड़ा अटकाने का अंजाम बनकर सबके सामने आया। मालती का हत्यारा तो उसका रिश्तेदार अजीत था…लेकिन इसके पीछे प्रेम, आशिकी और नजायज रिश्ते की कई कड़ियां जुड़ी थी। घटना आज से करीब 5 साल पहले साल 2015 में भटगांव थाना इलाके के जुनवानी गांव में घटी थी। भाजपा नेता मालती बंजारे की अर्धनग्न लाश आंगनबाड़ी के पीछे मिली थी। प्रथम दृष्टया शक बलात्कार व मर्डर का था…मामले को उलझाने के लिए हत्यारे से एक फर्जी सुसाइड नोट भी छोड़ दिया था। मामला तत्कालीन भाजपा सरकार से जुड़ी नेता का था, सो पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, लेकिन मौत का रहस्य खुल नहीं पाया। मौत के इस राज को सुलझाने फोरेंसिक से लेकर CID तक की मदद ली गयी, लेकिन पूरे 4 साल तक हाथ खाली रहे। लेकिन मृतिका के पास मिले फ़र्ज़ी सुसाइड नोट ने पूरे मामले को पलटकर रख दिया। दरअसल पुलिस के पास सबूत के नाम पर एकमात्र सुसाइड नोट था। पुलिस को जांच में ये मालूम पड़ चुका था कि सुसाइड नोट की राइटिंग मालती की नहीं है, ऐसे में सुसाइड नोट पर पनपे शक के आधार पर जांच को आगे बढ़ाना शुरू किया। पुलिस ने एक नयी तरकीब आजमाते हुए, पूरे गांव को ही संदेह के दायरे में लाया और हर शख्स की हेंडराइडिंग ली। हेंडराइटिंग का मिलान करने पर गांव के युवक अजीत कुर्रे से मैच कर गया। अजीत मालती का रिश्तेदार तो था, लेकिन मौत के पहले उसका उसके साथ विवाद भी अवैध रिश्ते को लेकर चल रहा था। सुसाइड नोट में मिले हैंडराइटिंग के बाद अजीत से पुछताछ हुई, तो पूरे राज से पर्दा हट गया। आरोपी ने पूरी कहानी बयां करते हुए अपना गुनाह कबूल कर लिया। इस मामले पर पुलिस अधीक्षक नीतू कमल ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक मालती बंजारे के भांजी दमांद अजीत कुर्रे के जीजा का अवैध संबंध मालती बंजारे से था । जिन्होंने जमीन बेचकर पैसा मालती बंजारे को दिया था, लेकिन मालती बंजारे के बार बार पैसा मांगने से क्षुब्ध होकर अजीत कुर्रे ने अपने ही जीजा के साथ मिलकर हत्या का षड्यंत्र रचा । अजीत कुर्रे भी मालती से परेशान था, क्योंकि वो गांव की ही उसकी प्रेमिका से उसे मिलने नहीं देती थी। कई बार इसे लेकर उसका विवाद भी हुआ था। वहीं अजीत के एक और जीजा को भी मालती ने चप्पल दिखाकर सरेआम पीटने की बात कही थी। इन सब बातों से अजीत ने मालती को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया। घटना दिनांक शाम 6 नवंबर 2015 को मालती बंजारे को पैसा देने के बहाने आंगनबाड़ी केंद्र के पास बुलाया जहाँ पर पहले से घात लगाकर छूपे अजीत कुर्रे व उसके दोस्त जो वर्तमान में फरार है उनके साथ मिलकर हमला कर दिया। वो बेहोश हो गयी, जिसके बाद अजित कुर्रे ने उसका गला दबाकर हत्या कर दिया, जिससे चलते मालती की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी । लेकिन साक्ष्य छुपाने के लिए घटना को बलात्कार का रूप दे दिया गया और मृतिका के हाथ मे आरोपी ने सुसाइट नोट खुद लिखकर रख दिया, जिसकी शिनाख्ती के लिए बलौदाबाजार पुलिस ने नार्कोटेस्ट भी कराया, तब जाकर अजीत कुर्रे को आज धर दबोचा गया और हत्या के आरोप में जेल भेज दिया गया । वही घटना के एक अन्य आरोपी फरार हैं जिसे एसपी नीतू कमल ने जल्द गिरफ्तार करने की बात कही है  चार साल से फरार आरोपी अजीत कुर्रे ने पुलिस पूछताछ के दौरान पूर्व में जहर खा लिया था ।साथ पुलिस पर प्रताड़ना के भी आरोप लगाये। पूरे घटना के दौरान अजित कुर्रे ने करीब 50 सिम कार्ड का उपयोग अलग अलग लोकेशन में किया जिससे पुलिस गुमराह हो जाये, लेकिन सुसाइड नोट ने पुलिस के शक को और बल दे दिया ,और आखिरकार आरोपी पुलिस के सामने सारी सच्चाई बयां कर दी। अभी एक और आरोपी फरार है जिसकी गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है।

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छत्तरसिंग पटेल

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