बरगढ़ व नुवापड़ा के सांसदों की निष्क्रियता से पश्चिम ओडिसा के नागरिको में आक्रोश

( सरायपाली काकाखबरीलाल). रायपुर बरगढ़ रेलवे लाइन संघर्ष समिति सरायपाली व बरगढ़ जिला रेल उपभोक्ता संघ के संयुक्त तत्वावधान में पश्चिम ओडिशा व पूर्वी छत्तीसगढ़ से जुड़े लाखो लोगो की बहुप्रतीक्षित रायपुर बरगढ़ रोड ( व्हाया तुमगांव , पिथौरा , सरायपाली व सोहेला )व बरगढ़ से नुवापड़ा रेलवे लाईन निर्माण के लिए विगत कई वर्षों से संघर्षशील रहे है । किंतु संबंधित जनप्रतिनिधियों व सांसदों की निष्क्रियता के चलते इस पर कोई अपेक्षित कार्यवाही नही होने से दोनों राज्यो के लाखों लोगों में इन सांसदों व जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश व्याप्त है । इन सांसदों की निष्क्रियता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि इस बजट में बरगढ़ से नुवापड़ा रेलवे लाइन को मंजूरी तक नही दिला पाये तो वही विगत 4 माह व्यतीत हो जाने के बावजूद इन सांसदों ने समिति के सदस्यो को रेलमंत्री से मुलाकात कराये जाने का समय तक नही ले पाये । सबसे दुखद पहलू तो यह है कि संबंधित संसदीय क्षेत्र के तीनों सांसद भाजपा के है व केंद्र में भी भाजपा की स्पष्ट बहुमत की सरकार है । रेल लाइन संघर्ष समिति व रेल उपभोक्ता संघ के सदस्यो द्वारा रेल लाइन निर्माण के संबंध में विगत 4 नवंबर को बरगढ़ के भाजपा सांसद श्री सुरेश पुजारी से संबलपुर उनके निवास जाकर मुलाकात की गई थी । सांसद पुजारी ने जल्दी से जल्दी इसे स्वीकृति दिलाये जाने का आश्वासन भी दिया था इसी दिन सभी सदस्यो द्वारा भटली के विधायक व ओडिशा के कैबिनेट मंत्री श्री सुशांत सिंह व बरगढ़ विधायक श्री देवेश आचार्य से भी मुलाकात करने के बाद उन्होंने रेल निर्माण हेतु अपनी सहमति व समर्थन पत्र के माध्यम से दिया था । रेल उपभोक्ता संघ के सदस्यो ने नुवापड़ा के भाजपा सांसद श्री बसंत पांडा व राज्यसभा सांसद श्री प्रसन्न आचार्य से मुलाकात की गई थी । इन्होंने संघ की बात तो सुनी पर समर्थन पत्र व समर्थन नही दिया । वही इस सबंध में रायपुर बरगढ़ रेल लाइन संघर्ष समिति के सदस्य महासमुन्द (छत्तीसगढ़ ) के सांसद श्री चुन्नीलाल साहू से मुलाकात कर समर्थन मांगा व क्षेत्र के लगभग 100 सामाजिक , राजनैतिक , व्यापारिक व अन्य संघ व संगठनों द्वारा रेल लाइन निर्माण के संबंध में दिए गए समर्थन पत्रो को रेलमंत्री श्री पीयूष गोयल को उनसे मिलकर दिए जाने की बात कही गई थी व उनसे दिल्ली में मुलाकात का समय निश्चित किये जाने का अनुरोध तीनो सांसदों श्री चुन्नीलाल साहू , बसंत पांडा व सुरेश पुजारी से की गई थी किंतु दुखद की तीनों भाजपा सांसदों ने इसे गंभीरता से न लेते हुवे 4 माह व्यतीत हो जाने के बावजूद मुलाकात का समय तक रेलमंत्री से नही ले सके । वही ओडिसा के दोनों सांसद पश्चिम ओडिशा की बहुप्रतीक्षित बरगढ़ से नुवापड़ा रेल लाइन को भी स्वीकृति नही दिला पाये ।जबकि यह लाइन रेलवे गाइडलाइंस को पूरी तरह से पूरी कर रहे थे । वही संबलपुर से पुूरी तक चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन को बलांगीर से प्रारंभ किये जाने ली मांग वर्षो से इस क्षेत्र की जनता कर रही थी किंतु दोनों सांसदों ने इसे भी पूरा नही कर पाए जिसकी वजह से बलांगीर क्षेत्र के लाखो नागरिको को इस सुविधा से फिर वंचित होना पड़ गया । बरगढ़ से नुवापड़ा रेलवे लाईन व संबलपुर से पुरी इंटरसिटी ट्रेन को बलांगीर से नही जोड़ने से इस क्षेत्र के नागरिकों में भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है । महासमुन्द ( छत्तीसगढ़ ) के सांसद चुन्नीलाल साहू द्वारा रेलमंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर रेल लाईन निर्माण हेतु ज्ञापन तो सौपा गया किंतु क्षेत्र की जनभावनाओं के अनुकूल न होकर उन्होंने बरगढ़ से रायपुर की जगह बागबाहरा से बरगढ़ रेल लाइन निर्माण की मांग कर दी । इससे तुमगांव , पटेवा , झलप , पिथौरा व साँकरा क्षेत्र के लाखों नागरिको को रेल लाईन की सुविधओं से वंचित होना पड़ेगा । विगत नवंबर माह में सरायपाली रेल समिति का एक प्रतिनिधि मंडल बागबाहरा विश्राम गृह में महासमुन्द सांसद चुन्नीलाल साहू से मुलाकात कर रायपुर से बरगढ़ रेल लाइन निर्माण के समर्थन के लिए मुलाकात की गई थी । था उन्हें जानकारी दी गई थी कि क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक , राजनैतिक , व्यापारिक व विभिन्न संघ – संगठनों के लगभग 70 – 80 समर्थन पत्र रेल लाइन की मांग के लिए प्राप्त हो चुका है । इन समर्थन पत्रो को सांसद चुन्नीलाल साहू के साथ दिल्ली जाकर रेलमंत्री पीयूष गोयल को सौंपने की इच्छा जाहिर कर मुलाकात का समय भी मांगा गया था पर आज तक समय नही ले पाये । इस हेतु दोनों समिति के कुछ सदस्यो ने निर्णय लिया है कि दिल्ली चुनाव के बाद वे स्वयं जाकर रेलमंत्रालय व रेलमंत्री को समर्थन व मांग पत्र सौपेंगे ।
























