
।।रसोई कक्ष का अभाव, बरसात में खाना बनाने में होती है समस्या।।
सरायपाली. शासकीय प्राथमिक शाला पंडरीपानी में जर्जर स्कूल में पढ़ने के लिए वहां के बच्चे मजबूर हैं. बरसात के दिनों में पानी टपकने से वहां के बच्चों को बरामदे का सहारा लेना पड़ता है. मध्यान्ह भोजन के लिए भी कक्ष का अभाव है. वैकल्पिक अवस्था के तहत स्कूल परिसर में एसबेस्टस शीट लगाकर मध्यान्ह भोजन बनाया जाता है. बरसात के दिनों में मध्यान्ह भोजन बनाना भी रसोईया के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है. अगर किसी तरह मध्यान्ह भोजन भी बन जाए तो परिसर के अंदर जिस तरह से पानी टपकता है, भोजन खिलाने के लिए भी जगह की कमी हो जाती है.
स्कूल खेत के बगल में संचालित होती है, जहां पर अहाता का भी अभाव है. बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान भी नहीं है. पूर्व में वहां रसोई कक्ष के लिए भवन स्वीकृत हुआ था लेकिन वह भवन पूर्ण होने के पहले ही बंद हो गया. इन दिनों खण्डहर की स्थिति में पहुंच गया है. 3 कमरे में 5 कक्षाएं संचालित होती है, लेकिन तीनो कक्ष बरसात के दिनों में पानी टपकने से अनुपयोगी हो जाता है. एक मात्र छोटा बरामदा ही शेष रह जाता है. जिसमें 5 कक्ष को विद्यार्थियों को बिठा पाना संभव नहीं है. मरम्मत के लिए शाला विकास समिति की ओर से उच्चाधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया है. लेकिन स्कूल मरम्मत करने में उच्चाधिकारी भी रूचि नहीं दिखा रहे हैं. जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई भी बरसात के दिनों में प्रभावित होती है. स्कूल परिसर देखने से ऐसा लगता है मानो ग्रामीणों ने कब्जा किया हो. मुख्य द्वार पर एक बड़ा मकान भी खड़ा किया गया है, खेल मैदान के अभाव में बच्चे खेलने से वंचित हो जा रहे हैं.

























