खल्लारी:वन अधिकारियों को बंधक बनाकर मारपीट, नौ नामजद समेत अन्य पर एफआईआर

खल्लारी। वन अपराध की रोकथाम के लिए रात्रि गश्त पर निकले वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को घेरकर मारपीट करने, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने तथा करीब चार घंटे तक बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। मामले में खल्लारी पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों सहित अन्य अतिक्रमणकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार वन परिक्षेत्र अधिकारी बागबाहरा नवीन वर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 अक्टूबर की रात वे उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा सहित वन अमले के साथ तमोरा क्षेत्र के वन कक्ष क्रमांक 95-96 में अवैध शिकार एवं वन अपराध की रोकथाम के लिए गश्त कर रहे थे। इसी दौरान रात करीब 7.30 बजे वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों ने वन अमले को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी।
बताया गया कि संख्या अधिक होने के कारण कुछ वनकर्मी मौके से निकलने में सफल रहे, जबकि वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा को आरोपियों ने घेरकर बंधक बना लिया। आरोप है कि दोनों अधिकारियों को तमोरा वनखंड से लगे खेत में स्थित एक छोटे मकान में ले जाकर रात करीब 7.30 बजे से 11.30 बजे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान दोनों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। अधिकारियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर पुलिस एवं वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। आरोपियों द्वारा अधिकारियों को छोड़ने से इनकार करने तथा पुलिस एवं वन अमले से भी विवाद किए जाने के बाद सुरक्षा घेरे में दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
रिपोर्ट में लक्ष्मी ध्रुव, प्रदीप ध्रुव, सुखराम, गणेश यादव, हेमिन बाई, चंदन, कलाबाई, लक्ष्मीबाई और संतकुमार सहित अन्य अतिक्रमणकारियों को आरोपी बनाया गया है। खल्लारी पुलिस ने BNS की धारा 115(2), 127(2), 132, 191(2), 221, 296, 351(3) सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
वन विभाग के अनुसार इससे पहले भी अतिक्रमणकारियों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने और वन अमले के साथ अभद्रता किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विभाग ने आरोप लगाया है कि आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण हटाने एवं वृक्षारोपण कार्य के दौरान भी लगातार बाधा पहुंचाई जा रही है। पुलिस अब मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, व्हाट्सऐप संदेश, कॉल विवरण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।



























