
आदेश निरस्त नहीं हुआ तो अस्पताल में कर सकते तालाबंदी
प्रकाश सिन्हा।बसना-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरपुर में पदस्थ एएनएम को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद के मौखिक निर्देश पर अन्यत्र स्थानांतरण किए जाने की सूचना मिलने पर क्षेत्र के आम लोगों के साथ ही साथ जनप्रतिनिधियों भी भारी नाराजगी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यालय खंड चिकित्सा अधिकारी बसना से 30 जून 2018 को पत्र क्रमांक/स्था/2018/ 672 में लिखा गया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद के द्वारा दूरभाष पर दिए गए मौखिक निर्देशानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरपुर में पदस्थ संविदा एएनएम श्रीमती भीषमणी नायक को भंवरपुर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरोली स्थानांतरित कर दिया गया है। इसकी जानकारी मिलने पर सरायपाली विधायक रामलाल चौहान, भंवरपुर सरपंच कृष्णकुमार पटेल, जनपद सदस्य चंपा चौधरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवकी दीवान, पूर्व जनपद सभापति मनोज पटेल सहित दर्जनों ग्रामीणों द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद को पत्र लिखकर एएनएम श्रीमती भीषमणी नायक का स्थानांतरण निरस्त कर भंवरपुर में यथावत रखने की मांग की है। इनके स्थानांतरण किए जाने को लेकर ग्रामवासियों सहित क्षेत्रवासियों ने सरायपाली विधानसभा के विधायक रामलाल चौहान के जानकारी देकर स्थानांतरण रोकवाने की मांग की गई है। इसे लेकर सरायपाली विधायक ने भी भारी नाराजगी व्यक्त किया है। ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को लिखित शिकायत कर कहा है कि भीषमणी नायक की पदस्थापना के बाद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भंवरपुर में संस्थागत प्रसव में बढ़ोतरी हुई है, तथा इनके द्वारा भंवरपुर में पदस्थापना से लेकर अब तक लगभग दो सौ जचकी कराकर स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अस्पताल के लिए लोगों का भरोसा बढ़ाया है। अब जब क्षेत्र के लोगों को इनसे बेहतर सुविधा मिल रही है ऐसे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मौखिक निर्देशानुसार उनका स्थानांतरण करना लोगों में आक्रोश बढ़ा रहा है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नीजी अस्पतालों के इशारे पर काम करते हुए अच्छे कर्मचारियों का तबादला किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं न मिले और लोग नीजी क्लीनिक और अस्पताल में जाकर मंहगा ईलाज कराने मजबूर हो जाए। क्षेत्रवासियों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद के आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यह षड़यंत्रकारी आदेश निरस्त नहीं हुआ तो अस्पताल में तालाबंदी कर सकते हैं।

























