सरायपाली : अखिल भारतीय पोस्टर बनाओ एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

काकाखबरीलाल@सरायपाली। भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटैक) महासमुन्द अध्याय एवं केन्द्रीय मुख्यालय नई दिल्ली द्वारा राज्य सचिव राजेन्द्र चाण्डक के मार्गदर्शन में शालेय विद्यार्थियों के लिये आजादी का अमृत महोत्सव हमारे हाथों में विरासत विषय पर अखिल भारतीय पोस्टर बनाओ एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन 28 फरवरी सोमवार को जनपद पंचायत सराय़पाली के मनरेगा हाल में इंटैक के लाईफ टाईम मेंबर यशवंत कुमार चौधरी के सहयोग से किया गया. प्रतियोगिता का शुभारंभ नगर पालिका परिषद सराय़पाली अध्यक्ष अमृत लाल पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं अध्यक्षता संयोजक इंटैक महासमुंद दाऊलाल चंद्राकर ने की तथा अवधेश अग्रवाल अध्यक्ष प्रेस क्लब सराय़पाली एवं अखिल भारतीय अग्रवाल महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ । समस्त अतिथियों का स्वागत इंटैक परंपरा अनुसार सादा गमछा से किया गया तत्पश्चात सह- संयोजक इंटैक अध्याय महासमुंद बन्धु राजेश्वर खरे ने प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर प्रतियोगिता के सन्दर्भ में प्रतिभागियों को जानकारी देते हुए इसके उद्देश्य,महत्व पर प्रकाश डाला और इंटैक की गतिविधियों की जानकारी दी साथ ही जिले में व्यापक रूप से समृद्ध विरासतों से सम्बन्धित कविता का लयबद्ध वाचन कर खूब तालियां बटोरी।

इसी क्रम में संपादक, चिंतक अवधेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी प्राथमिक विरासत हमारे माता- पिता हैं, पत्रकारिता और लेखन मुझे विरासत में मिला तथा उन्होंने सरायपाली अंचल में व्यापक रूप से उपलब्ध विरासतों की जानकारी साथ ही बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव सरायपाली में ऐतिहासिक स्थल जो कि हमारी विरासत है जहां 15 अगस्त 1947 को फूलझर के बापू ने तिरंगा फहराया था । फूलझर बापू के साथ सरदार पटेल के रुप में भी पहचान बनीं , उन्होंने कोमाखान के ठाकुर भानूप्रताप सिंह के बारे में बताया कि वे ज़िले के ऐसे व्यक्तित्व है जो संविधान सभा के सदस्य रहे ऐसी विरासत के प्रति अवगत करवाया। मुख्य अतिथि अमृतलाल पटेल ने कहा कि बच्चों को समृद्ध विरासत की सीख देकर विरासत के बारे में जागृत करने के लिए अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए तथा विद्यार्थियों को अपने गांव के त्यौहार, देवी- देवता आदि विरासत से जुड़ी जानकारी उपलब्ध स्रोतों से पता करके जानने की जरूरत पर बल दिया वहीं 135 वर्षों से संरक्षित बस्ती सरायपाली का विरासतन मंदिर का जिक्र किया और विरासतों से स्वयं को जोड़ने और संरक्षित रखने के लिए अभिप्रेरित किया। दाऊलाल चंद्राकर ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नई पीढ़ी को आज़ादी के संग्राम /आन्दोलन की स्मृति दिलाने आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है ताकि जन – जन तक आजादी की वास्तविक घटनाक्रम की जानकारी पहुंच सके। विद्यार्थियों को गदर के समय से लेकर आजादी तक के सफर का जो दृश्य, दृष्टि पटल पर दृष्टिगोचर हो रही है उसे कैनवास पर उकेरने हेतु प्रेरित किया। स्वतन्त्रता आंदोलन की जानकारी स्पष्ट करते हुए त्यौहार को आंदोलन का जरिया करार दिया, साथ ही छत्तीसगढ़ के विरासत से संबंधित स्थानों की जानकारी दी। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट की गई तथा कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन यशवंत कुमार चौधरी ने किया. इस प्रतियोगिता में सराय़पाली अंचल के विभिन्न विद्यालयों के कक्षा सातवीं, आठवीं और नवमीं के इच्छुक स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सरायपाली, केज़ी कान्वेंट हायर सेकंडरी स्कूल सरायपाली, गौरव विद्या मंदिर उच्च. माध्य. विद्यालय सरायपाली, आदर्श बालक उच्च. माध्य. विद्यालय सरायपाली, शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लांती, शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लुकापारा, शासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बालसी के 38 विद्यार्थियों ने प्रतिभागिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की अवधि ढाई घंटे रही जिसमें आधा घंटा अतिथि वक्ता द्वारा उद्बोधन,पोस्टर के लिये डेढ़ घंटा और आधा घंटा उसी पोस्टर पर निबंध लेखन हेतु समय निर्धारित किया गया था।प्रतिभागी विद्यार्थियों ने विरासत पर एक- एक पोस्टर बनाया जो सन् 1857 से 1947 तक भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है । यह प्राकृतिक,निर्मित,भौतिक या जीवित विरासत से सम्बन्धित है जिसमें जल संसाधन, स्मारक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, रीति-रिवाज, त्यौहार, साहित्य आदि शामिल हैं। विद्यार्थियों ने संबंधित विषयानुसार निबंध भी 200 शब्दों की सीमा में लिखकर अपने कौशल का हुनर पेश किया ।इस अवसर पर क्षेत्र के विरासतों की पहचान, प्रलेखन और संरक्षण की दिशा में कार्य की जरूरत पर बल दिया गया तथा विरासत क्लब की स्थापना पर जोर दिया गया। पोस्टर और निबन्ध का मूल्यांकन इंटैक के केन्द्रीय कार्यालय नई दिल्ली में होने के पश्चात् सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे और 100 क्षेत्रीय तथा 10 राष्ट्रीय विजेता घोषित सोनें के साथ पुरस्कार और ट्राफियां भी प्रदान किया जाएगा । कार्यक्रम में पालकों,मार्गदर्शक शिक्षक- शिक्षिकाओं ने भी सहभागिता दी।कार्यक्रम में शिक्षिका राधा शर्मा, वंदना सतपथी, प्रेमलता नायक, वंदिता बोहिदार, शिक्षक घनश्याम दीप, विनोद कुमार चौधरी, नरेश पटेल, दुष्यंत कुमार साहु का सराहनीय योगदान रहा.























