छत्तीसगढ़

वीरांगना रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत से छात्र-छात्राओं को परिचित कराने हेतु विस्तार व्याख्यान एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

 

काकाखबरीलाल@रायपुर। शासकीय महाविद्यालय सिलौटी में दिनांक 09/11/2024 को अमर वीरांगना देवी रानी दुर्गावती की 500 वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत से छात्र-छात्राओं को परिचित कराने हेतु विस्तार व्याख्यान एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वक्ता एनआईटी रायपुर के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की सहायक प्राध्यापक डॉ. मीना मुर्मू रहीं तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वर्ष 2016 में आदिवासी सामाजिक चेतना तथा उत्थान हेतु शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान प्राप्तकर्ता समाजसेवक श्री सैन कुमार मंडावी रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में श्री भीमदेव साहू, अध्यक्ष महाविद्यालय जनभागीदारी समिति, श्री केवल सिंह नेताम, सदस्य जनभागीदारी समिति, श्री चोवाराम साहू, सरपंच ग्राम पंचायत कोर्रा एवं श्री रामचंद्र लौंधे सम्मिलित हुए। सर्वप्रथम कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका डॉ. भावना कमाने द्वारा विशिष्ट अतिथियों का सम्मान एवं स्वागत किया गया।


इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. मीना मुर्मू ने अपने वक्तव्य में जनजाति समाज के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने जनजातीय समाज के वीर महापुरुषों एवं वीरांगना महिलाओं के योगदान से छात्र-छात्राओं को परिचित कराया। डॉ.मुर्मू अपने वक्तव्य के द्वारा छात्रों को यह समझाने में सफल रहीं की अपनी सुंदर संस्कृति को बचाने के लिए ही आदिवासी नायकों ने संघर्ष किया। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी तक अंग्रेजों के खिलाफ लगातार जनजातीय जन नायकों ने संघर्षों का दौर जारी रखा। इस प्रकार देश की आजादी में जनजातीय नायकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवक श्री सैन कुमार मंडावी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय की संस्कृति, परंपराएँ एवं कला वास्तव में प्रकृति को ही समर्पित है। जनजातीय नायकों द्वारा किए गए संघर्षों एवं उनके योगदान को आज भी लोकगीतों एवं आंचलिक कथाओं में बखूबी सुना जा सकता है। श्री मंडावी ने छात्र-छात्राओं में जनजातीय नायकों के योगदान को जानने एवं समझने हेतु रुचि जागृत करने का प्रयास किया। जनजातीय कला एवं संस्कृति से महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को परिचित कराने के लिए चित्रकला, निबंध, रंगोली, प्रदर्शनी, गीत, नृत्य, फैंसी ड्रेस एवं अभिनय प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम के संयोजक सहायक प्राध्यापक डॉ.अश्वनी कुमार ध्रुव एवं सह-संयोजक श्रीमती भावना दीवान रहीं, वहीं कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक श्रीमती भारती मंडावी एवं डॉ. शिवेन्द्र बहादुर ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री भरत लाल यादव, श्री ओमप्रकाश साहू, श्री हितेश कुमार नेताम, श्री त्रिभुवन साहू, डॉ. दानेश्वर कुमार वर्मा, डॉ. संदीप कुमार साहू, श्री पवन कुमार साकेत एवं श्री बी. पद्मराज क्यूट तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की गरिमामय उपस्थिति रही।

AD#1

काका खबरीलाल

हर खबर पर काकाखबरीलाल की पैनी नजर.. जिले के न. 01 न्यूज़ पॉर्टल में विज्ञापन के लिए आज ही संपर्क करें.. kakakhabarilaal@gmail.com

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!