कड़कड़ाती ठण्ड में अन्नदाता आंदोलन कर रहें हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ भाजपाई किसानों को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहें हैं – रैना

सरायपाली (काकाखबरीलाल)। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए 3 अध्यादेश के खिलाफ किसान दिल्ली के सीमा पर आंदोलन कर रहे हैं 22 से अधिक किसान संगठन के संयुक्त मोर्चे के अगुवाई में लाखों की संख्या में लोग इन अध्यादेशों के विरोध में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान नेताओं की केंद्र सरकार के मंत्रियों से कई दौर की बातचीत के बाद कोई हल अब तक नहीं निकल कर सामने आया है सरकार बिल में खामियां तो मान रही है परंतु बिल को निरस्त करने से साफ मना कर रही है सरकार संशोधन की बात कर रही है लेकिन किसानों ने यह स्पष्ट किया है की केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों बिलों की वापसी से कम में वे नही मानेंगे ।
सराईपाली के वार्ड क्रमांक 8 से पार्षद हरदीप सिंह रैना ने किसान आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते पहुए कहा कि दिल्ली की ठंड में करोना महामारी के बीच किसान अपनी जान जोखिम में डालकर आज 14 दिन से शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली की सीमा पर बैठे हैं केंद्र सरकार ने बिना किसानों से चर्चा कर तीन किसान बिलो को संसद तक में चर्चा के बिना पारित करवा लिया जिसके कारण बिलो में कई खामियां दिखाई दे रही है जिसका विरोध किसान कर रहे हैं किसान अब न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी चाहते हैं सरकार आश्वासन दे रही है लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दे रही
पार्षद हरदीप सिंह रैना कहा कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और इस संघर्ष को विराम देना चाहिए दिल्ली की ठंड में आंदोलन के दौरान कई किसान शहादत प्राप्त कर चुके हैं और जिस तैयारी के साथ किसान आए हैं अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती तो संघर्ष लंबा होता चला जाएगा।
हरदीप सिंह रैना ने कहा एक और किसानों से बार-बार केंद्र सरकार चर्चा कर रही है वहीं भाजपा के कुछ लोग किसानों को बदनाम करने के लिए कभी खालिस्तानी कभी चीन की शह कभी पाकिस्तान की शह ऐसा कहकर बदनाम कर रहे हैं किसानों के आंदोलन को इस प्रकार बदनाम किए जाने की हरकत निंदनीय है
पार्षद रैना ने कहा कि सरकार को तत्काल इसका हल निकालना चाहिए और किसानों की बातों को मानते हुए आंदोलन को समाप्त करवाना चाहिए।

























