
नंदकिशोर अग्रवाल,काकाख़बरीलाल@ पिथौरा। दिनांक 11.3 .23 से शुभारम्भ हुई कलश यात्रा के साथ तेंदुकोना की पावन धरा पर स्थित अग्रवाल धर्मशाला में 9दिवसीय श्री मद भागवत गीता का आयोजन तेंदुकोना के श्री रामफल दिनेश कुमार अग्रवाल परिवार के संयोजन में सम्पन्न करवाया ब्यासपीठ पर से वृंदावन से पधारे श्री महेश नारायण शास्त्री जी अपने संगीत मयी भजनों के माध्यम से श्री मद भागवत जी के ज्ञान की रसधारा का निरंतर प्रवाहित कर रहे हैं।श्री मदभगवत कथा के माध्यम से विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से समाज मे फैली कुरीतियों पर प्रहार कर रहें हैं।वही शिक्षा प्रद बातों से प्रसंगों के माध्यम से जहाँ भगवान राम से मर्यादा सीखने की बात कह रहे थे तो श्री कृष की बाल लीलाओं के साथ नटखटपन के साथ साथ जीवन के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया जिससे श्रोता भावविभोर होते रहे।कथा के माध्यम से सनातन धर्म को गो माता की रक्षा की बात भी कही।आगे उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के सत्य और अहिंसा की कल्पना नहीं कि जा सकती। जिस प्रकार दुर्योधन ने भगवान श्री कृष्ण के दर्शन तो कई बार कोई।पर सत्संग नहीं पा सके।और उनका हस्र सब जानते हैं। वैसे भी भक्ति करने की कोई उम्र नहिं होती जैसे भक्ति के साक्षात उदाहरण ध्रुव और प्रहलाद है।अतः भक्ति के लिए कोई उम्र और समय नहीं होता। वही कथा को आगे बढ़ाते हुए माताओं से निबेदन किया को रसोई में जाने से पहले स्नान जरूर करें।और पहली रोटी गाय के लिए ओर दूसरी रोटी कुत्ते के लिए बनाए। फिर ही दिनचर्या को आगे बढ़ाएं। कथा श्रवण करने गांव के साथ साथ अन्य गांवों से भी आ रहे हैं। समापन पर शाम को श्री श्याम जी का भजन कीर्तन एवम दूसरे दिन भंडारे का आयोजन रखा गया है।
























