मौसम की मार… लोगों का जीना हुआ बेहाल.. पारा पहुंचा 44 पार…

– नंदकिशोर अग्रवाल
काकाखबरीलाल,पिथौरा नगर – गर्मी का मौसम शुरू होते ही झुलसा देने वाली गर्मी नगर में देखने को मिल रही है। इस झुलसा देने वाली गर्मी में लोग घरों में दुबक ने को मजबूर हो गए हैं क्योंकि शहर में गर्मी ने अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है एवं गर्मी के चलते पारा 44 डिग्री को पार कर गया है। अंचल में गर्मी के चलते यहां पारा 44 डिग्री के पार पहुंच गए जो कि अपने चरम पर है जिससे लोग अपने अपने घरों पर दुबकने को मजबूर हो गए हैं।शहर में सुबह 10:00 बजे से ही गर्मी अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दे रही है। जिसे शहर की गलियां एवं सड़क सुनी होने लगी है ।
बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं जो कि चेहरे पर स्कार्फ बांधने नजर आते हैं ।आलम यह है कि गर्मी में प्यास बुझाने हेतु शासन प्रशासन द्वारा कहीं पर भी नगर में कोई व्यवस्था नहीं की गई है ।वहीं पिथौरा के समाजसेवी स्वर्गीय श्री देवराज महंती की स्मृति में बस स्टैंड में हर साल प्याऊ की व्यवस्था करने वाले शिवा महंती के परिवार ने इस बार भी बस स्टैंड में प्याऊ की व्यवस्था की है ।जिससे आने जाने वाले राहगीर व बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को शीतल जल प्राप्त हो रहा है ।वहीं अग्रसेन चौक पर स्वर्गीय फूल चंद अग्रवाल की स्मृति में हर साल प्याऊ की व्यवस्था करने वाले पवन अग्रवाल ने भी हर साल की तरह इस वर्ष भी प्याऊ की व्यवस्था की है ।इन दो जगहों पर को देख कर लगता है कि आने वाले समय में भी प्याऊ संस्कृति जिंदा रहेगी वरना तो आगे पीछे शहर में या अंचल में प्याऊ की संस्कृति खत्म होती नजर आती है ।

इस भीषण गर्मी में जहां प्याऊ लोगों की प्यास बुझा रहे हैं। वहीं शीतल पेय बेचने वाले दुकानों पर जैसे गन्ना रस तथा आम रस बेचने वाले की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ नजर आ रही है। वहीं फेरी लगाकर कुल्फी तथा बर्फ का गोला बेचने वाले लोग भी गर्मियों में घूमने वाले लोगों के मन को लुभा रहे हैं। वहीं शहर में सरकारी ऑफिसों में भी दोपहर को सूनापन देखा जा रहा है। गर्मियों का विकराल रूप को देखते हुए नगर के डॉक्टर भी दोपहर को घर से ना निकलने की सलाह दे रहे हैं। तथा बहुत जरूरी होने पर मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर निकलने को कह रहे हैं। तथा खूब पानी पीने तथाओ आर एस का घोल को लगातार पीने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं ।वर्तमान में मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो हाल फिलहाल शहर में गर्मी से निजात पाने की कोई उम्मीद नहीं दिखती बोलते हैं। नेशनल हाईवे में चलने वाले भारी वाहन के ड्राइवर भी बताते हैं कि सड़क पर चलने पर दोपहर को मृग मरीचिका का एहसास होता है ।क्योंकि धूप की वजह से सड़क पर ऐसा लगता है कि आगे सड़क पर पानी फैला हुआ है। जोकि अधिक धूप होने पर भ्रम की स्थिति पैदा करता है। हाईवे पर चलने वाले ड्राइवर बताते हैं कि हम अभी रात को ही ज्यादा सफर कर रहे हैं तथा दोपहर को कहीं छांव देखकर गाड़ी रोक कर आराम कर लेते हैं क्योंकि दोपहर को ज्यादा सफर करने पर एक और जहां गाड़ी का इंजन ज्यादा गरम हो जाता है वहीं गाड़ी के अंदर का तापमान अधिक गर्म होने से हम लोग भी व्याकुल हो जाते हैं वहीं गांव देहात से शहर आने वाले लोग अपना काम निपटा कर दोपहर 12:00 बजे तक अपने घरों को वापस लौट जा रहे हैं वर्तमान देखना है सूर्य भगवान आगे कब तक अपना रौद्र रूप दिखा करलोगों को यूं ही बेचैन रखते हैं।


























