हाथियों के साए में बार नयापारा… सहमे – सहमे वन भ्रमण करते हैं पर्यटक..

काकाखबरीलाल,पिथौरा । प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में बारनवापारा अभयारण्य का नाम शुमार ह। गर्मी के मौसम में प्रतिवर्ष यहाँ हजारों की तादात में पर्यटक आते हैं तथा वन भ्रमण कर जंगली जानवरों को अपनी पलकों से निहारते हैं । लेकिन इस बार नजारा कुछ अलग ही है अभ्यारण क्षेत्रें को पर्यटकों के भ्रमण के लिए खुले लगभग 2 माह से ऊपर हो गए है लेकिन पर्यटकों की संख्या अभी तक नगण्य के बराबर है । इसका प्रमुख कारण अभ्यारण क्षेत्र में जंगली हाथियों का दस्तक देना है । साथ ही पर्यटक स्थल की अव्यवस्था भी इसके लिए बहु तादात में जिम्मेदार है यहां पर्यटन के लिए आने वाले लोगों के मन में यह भय पैदा कर दिया जाता है कि जंगली हाथियों द्वारा आतंक मचाए हुए हैं इसलिए भ्रमण ना करें । यहां बने कॉटेज में को ठहरना चाहे तो चाह कर भी रुक नही सकता क्यो कि विद्युत की माकूल व्यवस्था नहीं है।

सौर ऊर्जा से चलने वाले सिस्टम खराब हो गए हैं पर्याप्त मात्रा में शौर्य बिजली नहीं होने के कारण भीषण गर्मी में पर्यटन विश्रामगृह में बने एयर कंडीशन का काम नहीं देते हैं । लिहाजा अगर भुला भटका कोई पर्यटक यहां आ भी जाए तो वापस जाना उसकी मजबूरी हो जाती है। बात दें कि यहां पर्यटन विभाग के द्वारा पर्यटकों की सुविधा के लिए चीतल रेस्टोरेंट की स्थापना की गई है संचालन ठेका पद्धति से किया गया है। किंतु संचालक पर्यटकों के लिए भी चाह कर भी लजीज भोजन परोस नही सकता।क्योंकि भोजन सामग्री 25 से 30 किलोमीटर दूर से लाना होता है। पर्याप्त मात्रा में पर्यटक नहीं आने से क्रय लाई गई कच्ची सामग्रियां सब्जी इत्यादि खराब हो जाती हैं लिहाजा उन्हें नुकसान सहना पड़ता है। बहरहाल क्षेत्र में शुमार पर्यटक स्थल को एक नई दिशा देने की जरूरत है। अन्यथा इसका भी नाम लुप्त होने में कोई देर नहीं लगेगी।
























