सरायपाली : कार्रवाई नहीं होने पर भूख हड़ताल 6 से

सरायपाली. अनुविभाग के ग्राम गढ़फुलझर के 80 वर्षीय लकवाग्रस्त वृद्ध रेशमलाल की बेशकीमती जमीन को फर्जी तरीके से की गई खरीदी-बिक्र्री मामले की शिकायत आवेदिका शैलबाला के द्वारा मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन से की गई थी।
उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर महासमुंद को दिए गए हैं। जिस पर कलेक्टर द्वारा जांच टीम बनाए जाने की जानकारी दी गई है, पर अभी तक किसी प्रकार की न तो जांच हुई है और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इससे आवेदिका शैलबाला का परिवार क्षुब्ध होकर 6 अक्टूबर से उनके परिवार की ओर से उनकी पुत्री ममता के भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी गई है। इधर, इस मामले को रामचंडी दिवस पर गढ़फुलझर आ रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष रखने की भी बात की जा रही है। यह ज्ञातव्य हो कि वयोवृद्ध रेशमलाल की पुत्री शैलबाला ने मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनके पिता के नाम से दर्ज कृषि भूमि रकबा क्रमश: 0.17 हेक्टेयर पवन कुमार अग्रवाल, रकबा 0.21 हेक्टेयर मोहसिन दल्ला, रकबा 0.02 हेक्टेयर गिरीश निवासी बसना द्वारा जमीन दलाल देवेंद्र ड़ड़सेना के मार्फत दिनांक 6.12.2021 को विक्रय पत्र संपादित करवाया गया है। आवेदिका का यह आरोप है कि उनके पिता को बिना राशि दिए ही जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई है। रजिस्ट्री का कागजात रजिस्ट्री ऑफिस एवं उसके अधीनस्थ कार्यरत अर्जी नवीस के समक्ष ही तैयार की जाती है, लेकिन बताया जा रहा है कि क्रेता एवं दलालों द्वारा जंगल में ले जाकर दबाव पूर्वक विक्रय पत्रक में हस्ताक्षर करवा लिया गया है। आवेदिका का कहना है कि उनके पास सबूत के तौर पर कुछ वीडियो एवं ऑडियो क्लिप मौजूद है, जिसे सबूत के तौर पर जांच अधिकारी को भी सौंपा जाएगा। आवेदिका शैलबाला पिता रेशमलाल ग्राम गढ़फलझर तहसील बसना जिला महासमुंद छग द्वारा देवेंद्र डड़सेना, मजम्मिल अहमद एवं अन्य के द्वारा रेशमलाल के साथ धोखाधड़ी कर बिना कोई राशि प्रदान किए ही रजिस्ट्री कराए जाने संबंधी पत्र राजस्व मंत्री को प्राप्त हुआ था। जिस पर राजस्व मंत्री के ओएसडी अजय कुमार उरांव द्वारा पत्र जारी कर कलेक्टर महासमुंद को कार्रवाई किए जाने पत्र जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आगामी 8 अक्टूबर को रामचंडी दिवस पर गढ़फुलझर आने की संभावना को देखते हुए मामले की शिकायत एक बार फिर से मुख्यमंत्री के समक्ष करने का निर्णय लिया गया है। कोलता समाज के लोग भी इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रख सकते हैं। साथ में यह भी बताया जा रहा है कि तहसील कार्यालय बसना में चल रहे रिश्वतखोरी का मामला भी मुख्यमंत्री के सभा के दौरान उछल सकता है। तहसील कार्यालय की रिश्वतखोरी से किसान वर्ग काफी त्रस्त है और खासकर कोलता समाज, कृषक समाज के रूप में जाना जाता है।

























