सरायपाली : स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी का गठन

सरायपाली (काकाखबरीलाल). कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मूल आधार हैं और उतना ही मूल्यवान कृषि इनपुट, खाद बीज व उर्वरक है। किसानो को कम कीमत पर कृषि इनपुट उपलब्ध कराने हेतु ग्रामों में कृषि इनपुट, खाद बीज व उर्वरक की आवश्यक्ता का अध्ययन किया एवं गांव में कृषि इनपुट खाद बीज व उर्वरक के व्यक्तिगत कय व सामूहिक कय में होने वाले अतंर एवं लाभ को किसानो से अवगत कराया गया। आरंभ में किसानो को सामूहिक रूप से खाद, बीज, कय लाभदायक तो लगा किन्तु व्यवहारिक नही लगा । सबसे बड़ा संदेह महिला उत्पादक कंपनी की कार्यक्षमता पर भी था जो मात्र एक माह पूर्व 28 अक्टूबर में ही पंजीकृत हुआ ! जिससे किसानो द्वारा इस प्रपोजल को एक सिरे से नाकार दिया गया। किन्तु सरायपाली स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी के निदेशक मंडल ने हार नही मानी व बाजार का अध्ययन आरंभ किया कि किसानो के मांग के अनुरुप किस कपंनी का खाद बीज व उर्वरक की पूर्ति हेतु सरायपाली, बसना, महासमुद व पिथौरा के बड़े व्यापारी से चर्चा की जिसमे यातायात की लागत एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरकर आयी। नई कपंनी, आय का स्त्रोत न होना एवं पूर्व कार्यअनुभव का न होना और किसानो की रुचि न होना, किसी मुसीबत से कम नही था । ऐसी स्थिति आशा कि किरण के रूप में ग्राम की स्वयं सहायता समूह ने 3 दिन तक बिना व्याज राशि उपल्ब्ध करायी सरायपाली स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी के निदेशक मंडल को मात्र इसी का इंतजार था बस उन्होने शुरुआत कंपनी की अध्यक्ष श्रीमती राजकुमानी चौधरी द्वारा ग्राम बरिहापाली दिनांक 11 दिसंबर से आरंभ किया गया और किसानो को कृषि इनपुट, बाजार से कम दाम में उपलब्ध कराया। इसी क्रम में अन्य ग्राम मोखापुटका, सरायपाली, पाडापारा आदि ग्राम में 120 ग्रामीणो को भी कृषि इनपुट उपलब्ध कराकर उनका विशवास प्राप्त किया गया। महिला कंपनी ने एक बार पुनः साबित कर दिखाया कि संगठन, विजय व शक्ति का प्रतीक है। यह प्रयास के सफल होने से कंपनी के निदेशक मंडल का मनोबल और बढ़ गया एवं यही अनुभव सरायपाली स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी के कृषि सेवा केन्द्र को आरंभ करने की सोच का आधार बना। यह संधर्ष व सामूहक जीत ने स्वाभिमान कंपनी के नाम को न्यायसंगत बना दिया। इस कार्य को सफल बनाने में कपंनी के निदेशक मंडल के राजकुमारी चौधरी, सीमा चौहान, रीना प्रधान, संध्या, सुमित्रा सिदार, अंजली, हीरा बोई, कल्याणी एवं गीता विशेष प्रयास रहा। कार्य के सफल संचालन में जी. टी. संस्था सरायपाली के प्रभारी . भास्कर राव, पी. आर.पी. त्रिवेणी साहू का विशेष सहयोग एवं जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी .. ओकारेश्वर सिहं का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ को कम कीमत पर कृषि इनपुट उपलब्ध कराने हेतु ग्रामों में कृषि इनपुट, खाद बीज व उर्वरक की आवश्यक्ता का अध्ययन किया एवं गांव में कृषि इनपुट खाद बीज व उर्वरक के व्यक्तिगत कय व सामूहिक कय में होने वाले अतंर एवं लाभ को किसानो से अवगत कराया गया। आरंभ में किसानो को सामूहिक रूप से खाद, बीज, कय लाभदायक तो लगा किन्तु व्यवहारिक नही लगा । सबसे बड़ा संदेह महिला उत्पादक कंपनी की कार्यक्षमता पर भी था जो मात्र एक माह पूर्व 28 अक्टूबर में ही पंजीकृत हुआ ! जिससे किसानो द्वारा इस प्रपोजल को एक सिरे से नाकार दिया गया। किन्तु सरायपाली स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी के निदेशक मंडल ने हार नही मानी व बाजार का अध्ययन आरंभ किया कि किसानो के मांग के अनुरुप किस कपंनी का खाद बीज व उर्वरक की पूर्ति हेतु सरायपाली, बसना, महासमुद व पिथौरा के बड़े व्यापारी से चर्चा की जिसमे यातायात की लागत एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरकर आयी। नई कपंनी, आय का स्त्रोत न होना एवं पूर्व कार्यअनुभव का न होना और किसानो की रुचि न होना, किसी मुसीबत से कम नही था । ऐसी स्थिति आशा कि किरण के रूप में ग्राम की स्वयं सहायता समूह ने 3 दिन तक बिना व्याज राशि उपल्ब्ध करायी सरायपाली स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी के निदेशक मंडल को मात्र इसी का इंतजार था बस उन्होने शुरुआत कंपनी की अध्यक्ष राजकुमानी चौधरी द्वारा ग्राम बरिहापाली दिनांक 11 दिसंबर से आरंभ किया गया और किसानो को कृषि इनपुट, बाजार से कम दाम में उपलब्ध कराया। इसी क्रम में अन्य ग्राम मोखापुटका, सरायपाली, पाडापारा आदि ग्राम में 120 ग्रामीणो को भी कृषि इनपुट उपलब्ध कराकर उनका विशवास प्राप्त किया गया। महिला कंपनी ने एक बार पुनः साबित कर दिखाया कि संगठन, विजय व शक्ति का प्रतीक है। यह प्रयास के सफल होने से कंपनी के निदेशक मंडल का मनोबल और बढ़ गया एवं यही अनुभव सरायपाली स्वाभिमान महिला कृषक उत्पादन कंपनी के कृषि सेवा केन्द्र को आरंभ करने की सोच का आधार बना। यह संधर्ष व सामूहक जीत ने स्वाभिमान कंपनी के नाम को न्यायसंगत बना दिया। इस कार्य को सफल बनाने में कपंनी के निदेशक मंडल के राजकुमारी चौधरी, सीमा चौहान, रीना प्रधान, संध्या, सुमित्रा सिदार, श्रीमति अंजली, हीरा बोई, कल्याणी एवं गीता विशेष प्रयास रहा। कार्य के सफल संचालन में जी. टी. संस्था सरायपाली के प्रभारी . भास्कर राव, पी. आर.पी. त्रिवेणी साहू का विशेष सहयोग एवं जनपद पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी .. ओकारेश्वर सिहं का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ

























