महांसमुद: सचिव पर लगा जुर्माना

सूचना का अधिकार के तहत आवेदक को निर्धारित समय सीमा में सूचना दस्तावेज नहीं देने के कारण छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने दौलतराम बर्मन सचिव ग्राम पंचायत बिलारी (ज) को 25 हजार रुपए जुर्माना किया है। उन्हें यह जुर्माना प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने एवं नोटिस का जबाब नहीं देने के कारण किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत बिलारी(ज) से 10 अक्टूबर 2019 को सूचना आवेदन लगाकर चौदहवें वित्त योजना से संबंधित सूचना दस्तावेज की मांग की थी। समय सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर आवेदक ने 28 नवम्बर 2019 को सीईओ जनपद पंचायत कसडोल में प्रथम अपील किया। प्रथम अपील में आवेदक को नि:शुल्क सूचना दस्तावेज प्रदाय कराने का आदेश पारित हुआ।
जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी के कार्यशैली से क्षुब्ध होकर आवेदक ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में दिनांक 10 जून 2020 को द्वितीय अपील दायर किया। मुख्य सूचना आयुक्त एम. के. राउत ने उक्त प्रकरण में दिनांक 22 मार्च 2022 को सुनवाई में पाया कि अपीलार्थी को समयसीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया। जो सूचना का अधिकार अधिनियम के विपरीत है। इसलिए धारा 20(1) के तहत पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना का आदेश पारित किया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल को 25 हजार जुर्माना राशि जनसूचना अधिकारी दौलतराम बर्मन के वेतन से वसूल करके नियमानुसार शासकीय कोष में जमा कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।
सूचना आयोग एम.के.राउत ने सम्पूर्ण दस्तावेजों का निरीक्षण परीक्षण कर एवं अपीलार्थी विनोद दास के तर्क को सुनने के बाद पाया कि दौलतराम बर्मन ने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पारित आदेश की जानबूझकर अवहेलना किया है। कारण बताओ नोटिस का भी जबाब नहीं दिया है, जो धारा 20(2) को आकर्षित करता है। इसलिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बलौदाबाजार भाटापारा को दौलतराम बर्मन के विरूद्व सेवा शर्ते के अधीन नियमानुसार जांच कर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
























