साहित्य - कविताएं
नेता बनना आसान नहीं – कवि डिजेंन्द्र कुर्रे

नेता बनना आसान नहीं
काकाखबरीलाल, साहित्य/कविता
नेता बनना आसान नहीं, पैसा बिना कुछ काम नहीं।
युवा बेरोजगार की बागडोर इन पर, राजनीतिक के अलावा ध्यान नहीं किसी पर।
शिक्षा स्वास्थ्य की देखभाल इन पर,परंतु दिशा दशा के झुकाव दूसरों पर ।
नेता बनना आसान नहीं,पैसा बिना कुछ काम नहीं।
पुलिया सड़क निर्माण का दायित्व इन पर,चिंता नहीं जनताओ के हित पर।
बिजली पानी की जिम्मेदारी इन पर,अपनी व्यवस्था के बाद ध्यान नहीं दूसरों पर।
नेता बनना आसान नहीं, पैसा बिना कुछ काम नहीं।
अनाज दलहन तिलहन का दायित्व इन पर,ध्यान नहीं किसानों की दुर्दशा पर।
सामग्री उत्पादन एवं फैक्ट्री की दायित्व इन पर,जीएसटी की मार आम जनताओ पर ।
नेता बनना आसान नहीं ,पैसा बिना कुछ काम नहीं
-कवि डिजेंद्र कुर्रे (भंवरपुर बसना)
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