छत्तीसगढ़

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में केवल ऑक्सीजन प्लांट और बेड बढ़ाए गए इन्हें ऑपरेट करने वाले नहीं है

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। जिले में रोज नए केस सामने आ रहे हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है। पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल मेें तीसरी लहर से निपटने की तैयारी तो की गई है पर स्टाफ की भर्ती में पीछे रह गए हैं। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोविड के लिए अतिरिक्त 100 बेड रखे गए हैं।

वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की पूरी व्यवस्था तो कर ली गई है पर इन्हें ऑपरेट करने कर्मचारियों की भर्ती नहीं कर पाए हैं। एमसीएच में प्रथम,द्वितीय और तृतीय श्रेणी के 616 स्वीकृत पदों में 104 कर्मचारी ही कार्यरत हैं और 509 पद रिक्त हैं। पांच साल में रिक्त पदों की भर्ती नहीं होने से व्यवस्था लड़खड़ा रही है। कोविड की पहली और दूसरी लहर ने जिले में खूब कहर बरपाया। सैकड़ों लोगों की जान चली गई। इस बीच पेंड्री कोविड हॉस्पिटल का संचालन स्टाफ की कमी के बीच किया जाता रहा है पर अब इसी परिसर में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का संचालन हो रहा है। एमसीएच के स्वीकृत सेटअप के अनुसार अभी तक नए कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में अगर कोविड की तीसरी लहर आती है तो स्टाफ की कमी भारी पड़ जाएगी, क्योंकि अभी कार्यरत कर्मचारी भी वर्क लोड के बीच एमसीएच में सेवाएं दे रहे हैं।

वर्क लोड बढ़ने से छुट्‌टी नहीं ले पा रहीं नर्सेस
एमसीएच के सेटअप के अनुसार यहां पर 176 नर्स को कार्य करना है ताकि शिफ्ट के अनुसार सेवाएं दे सकें पर वर्तमान में 92 नर्सेस ही कार्यरत हैं। 84 पद रिक्त पड़े हुए हैं। नर्सिंग सिस्टर के 30 पद खाली हैं। इस वजह से नर्सेस को इमरजेंसी में छुट्‌टी तक नहीं मिल पा रही है। मेटरनिटी लीव के लिए भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नर्सेस ने बताया कि वर्क लोड के बीच सेवाएं दे रहीं हैं। कोविड काल में भी संक्रमण के खतरों के बीच कार्य करते रहे। इसकी बावजूद सुविधाएं देने के लिए पहल नहीं की जा रही है।

मजबूरी में परिजन ही यहां सब काम कर रहे
एमसीएस में वार्ड ब्वॉय और आया के 205 पद स्वीकृत हैं पर यहां नियमित रूप स 3 कर्मचारी ही रखे गए हैं। 202 पद रिक्त हैं। भर्ती मरीजों के परिजनों को ही पूरा काम करना पड़ता है। वार्ड ब्वॉय नहीं होने से परिजन ही मरीजों को लाना-ले जाना करते हैं। बेड की सफाई तक परिजनों को करनी पड़ती है। एमसीएच के सहायक अधीक्षक डॉ. सीएस मोहबे ने बताया कि तीसरी लहर से निपटने पूरी तैयारी कर चुके हैं। स्टाफ की भर्ती के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।

ऑपरेटरों की कमी होने से परेशानी
एमसीएच में तीसरी लहर से निपटने के लिए लगभग 50 वेंटिलेटर की सुविधा दी गई है पर इसे ऑपरेट करने कर्मचारी नहीं हैं। टेक्नीशियन के 13 पद स्वीकृत हैं पर एक भी पद नहीं भरे गए हैं। सहायक तकनीशियन के चार पद खाली हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी लगा दिया गया है। लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट भी जल्द शुरू होने वाला है पर इन्हें ऑपरेट करने वाले कर्मचारियों की कमी बनी हुई है।

इधर जिले मेें सिंगल डोज का टारगेट पूरा
कोविड के तीसरी लहर के खतरे के बीच राहत की खबर यह है कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोविड वैक्सीनेशन के पहले डोज का टारगेट पूरा कर लिया है। जिले में 11 लाख लोगों को पहली डोज का टारगेट रखा गया था। यह टारगेट पूरा हो चुका है। वैक्सीनेशन 18 लाख डोज के करीब पहुंच गई है। अब पूरा फोकस सेकंड डोज का टारगेट पूरा करने है। सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी ने बताया कि ग्राउंड लेवल के कर्मचारियों की मेहनत के चलते पहले डोज का टारगेट पूरा हो गया है।

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काका खबरीलाल

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