सरायपाली : रंगों के रेट में बढ़ोतरी, रंगाई-पुताई हुआ महंगा

24 अक्टूबर को दीपों का पर्व दीपावली है। दीपोत्सव को लेकर घरों की रंगाई-पुताई, साफ-सफाई कर रहे हैं। इसी पर्व में दीपोत्सव की खुशी में घरों की रंगाई-पुताई करते हैं।दीपावली को लेकर तैयारी शुरू

सबसे अधिक नए मकान बनाने वालों को रंगाई पुताई में काफी खर्च उठाना पड़ रहा है, जबकि पूर्व में रंगाई-पुताई हो चुके घरों में सिंगल कोड में पुताई करवाने में कम लागत लग रहा है। कुछ लोग तो मजदूरों की कमी के चलते स्वयं घर के रंगाई-पुताई में जुट गए हैं। दीपावली पर्व को लेकर त्योहार के माह भर पहले से ही पर्व को धूमधाम से मनाने तैयारियां शुरू हो जाती है। त्योहार को लेकर लोग क्यों उत्सुक रहते हैं, इसके पीछे कुछ पौराणिक मान्यता है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम, राक्षस राज रावण का वध कर दीपावली के दिन ही अयोध्या वापस लौटे थे। इसी कारण उनके अयोध्या वापस आने की खुशी में दीपावली का पर्व मनाया जाता है।
त्योहार के बहाने घरों की सफाई भी हो जाती है। कोरोनाकाल के बाद इस वर्ष लोग धूमधाम से दीपावली का पर्व मनाएंगे। मजदूरों की कमी और कलरों के रेट में बढ़ोतरी के चलते रंगाई-पुताई का कार्य भी काफी महंगा हो गया है। दीपावली पर्व को धूमधाम से मनाने इन दिनों सभी गली, मोहल्ले व गांव में लोगों को घरों के सामानों की सफाई करते, रंगाई-पुताई करवाते देखे जा सकते हैं। दीपावली के पूर्व खराब हुए सामानों निकालकर व घरों की सभी सामानों की सफाई की जा रही है। वहीं दीवारों में भी रंगाई-पुताई कार्य जोरों से चल रहा है। मजदूरों की कमी, कलर के रेट में बढ़ोतरी के चलते पुताई भी महंगा हो गया है। 2 साल से पेंट करने वाले मजदूरों को काम नहीं मिल रहा था तो वे अन्य कार्य में जुट गए। काफी नुकसान भी उठाना पड़ा। कोरोना काल की समाप्ति के पश्चात रंगाई-पुताई करने वाले मजदूरों की कमी व कलर के दामों में बढ़ोतरी के चलते लोगों को मनचाहे कलर वह पेंट करवाने 15 दिनों पूर्व से ही पेंटर व मजदूरों को बुक कराना पड़ रहा है। तब कहीं लोगों का घर मनचाहे कलर में पुताई हो रही है। वर्तमान में 2 कोड पुट्टी, एक कोड प्राइमर, दो कोड पेंट का प्रति फीट 6 रुपए ली जा रही है। इसके अलावा केवल डिस्टेंपर व अन्य कलर की पुताई प्रति फीट एक रुपए, मनचाहे कलर में डिजाइन प्रति फीट 40 से 250 रुपए तक बढ़ गई। पेंटर द्वारा दीवार में इस तरह के कलर पेंट किए जा रहे हैं कि हुबहू बाजार से लाए वॉलपेपर की तरह दीवार में कलर, फूल व अन्य डिजाइन उकेरा जा रहा है। इसमें पेंटर स्वयं के सामान से पेंट का कार्य कर काम का दाम ले रहे हैं। चुना, सीमेंट की पुताई भी महंगी हो गई है। 200 से 400 रुपए और फीट में एक रुपए की दर से पुताई का कार्य हो रहा है।

























