मूसलाधार बारिश ने छीना गरीब परिवार का आशियाना, जंघोंरा में बालाराम चौहान का परिवार हुआ बेघर

नंदकिशोर अग्रवाल,काकाख़बरीलाल@ पिथौरा। पिथौरा तहसील के ग्राम पंचायत जंघोंरा में प्रकृति की मार एक गरीब परिवार पर कहर बनकर टूटी है। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते ग्राम जंघोंरा निवासी बालाराम चौहान पिता जनीराम चौहानका कच्चा मकान जर्जर होकर बीती रात अचानक ढह गया। मकान का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया, जिससे यह मजदूर परिवार अब खुले आसमान के नीचे जीवन जीने को मजबूर है।
बालाराम चौहान का परिवार बेहद गरीबी में जीवन यापन करता है। वह रोजी-मजदूरी कर अपनी पत्नी साधनी, 16 वर्षीय बेटी खिलेश्वरी, और 20 वर्षीय बेटे रेखराम का भरण-पोषण करते हैं। मकान ढहने की इस भीषण घटना में गनीमत रही कि हादसे के वक्त परिवार का कोई भी सदस्य अंदर मौजूद नहीं था, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
आर्थिक रूप से बेहद कमजोर होने के बावजूद, बेघर हुआ यह परिवार मजबूरी में टूटे-फूटे मकान के उस शेष हिस्से में ही रहने को विवश है, जो पूरी तरह असुरक्षित है और कभी भी पूरी तरह गिर सकता है। बरसात के इस मुश्किल मौसम में उनके सिर पर अब कोई सुरक्षित छत नहीं बची है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में जटिलता
परिवार की यह दुर्दशा केवल बारिश की वजह से नहीं है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ न मिल पाना भी एक बड़ा कारण है। बालाराम चौहान को अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। बताया गया है कि रोजी-रोटी की तलाश में वह कुछ वर्षों तक गांव से बाहर रहे थे और करीब तीन साल पहले ही वापस लौटे हैं।
इसके अतिरिक्त, बालाराम के लिए मुश्किलें इसलिए भी बढ़ी हुई हैं क्योंकि उनका नाम राशन कार्ड में ग्राम पंचायत में दर्ज नहीं हो सका है और उनका आधार कार्ड रायगढ़ जिले का बना हुआ है। इन दस्तावेजी जटिलताओं के कारण उन्हें सरकारी सहायता और योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।

























