कार्टूनिस्ट त्र्यम्बक शर्मा का अनूठा प्रयोग कार्टून के माध्यम से युवा पीढ़ी को भगवद गीता से परिचित का कर रहे प्रयास

रायपुर (काकाखबरीलाल).देश की एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच के सम्पादक और कार्टूनिस्ट त्र्यम्बक शर्मा का अनूठा प्रयोग काफ़ी पसंद किया जा रहा है. शर्मा ने श्रीभगवद गीता के 18 अध्याय को सिर्फ़ एक एक कार्टून के माध्यम से समझाने का अनोखा प्रयास किया है. कार्टूनिस्ट त्र्यम्बक शर्मा ने बताया कि आज नई पीढ़ी के पास समय का अभाव है और उसके लिए धर्म और अध्यात्म (भगवद गीता) के जटिल वाक्यों को समझना मुश्किल कार्य लगता है. कार्टून वॉच के रजत जयंती वर्ष पर समाज के लिए कार्टून का सकारात्मक प्रयोग करने के उद्देश्य से उन्हें यह विचार आया कि ऐसा कुछ किया जाए जो नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी दोनों को समझ आ जाए.बता दें कि भगवद गीता के अट्ठारह अध्याय को पहले ही एक अध्याय एक वाक्य के रूप में दर्शाया जा चुका है. उन वाक्यों को एक अध्याय एक वाक्य और एक कार्टून के रूप में दर्शाना थोड़ा मुश्किल कार्य था.शर्मा ने बताया कि इसके लिए उन्होंने भगवद गीता के उन वाक्यों के निहितार्थ को समझा और उसे कार्टून के माध्यम से और सरल बनाया. उन्होंने कार्टून बनाने की शैली भी बहुत ही सरल रखी है. बहुत कम रेखाओं में गूढ़ बात को दर्शा देना ही कार्टून का कार्य है. शर्मा ने बताया कि वे रोज़ एक अध्याय पर कार्टून बनाकर सोशल मीडिया और व्हाटसअप ग्रुप में भेजने लगे. एक दो दिन बाद ही उन्होंने पाया कि अनेक लोग इस प्रयोग की ना सिर्फ़ प्रशंसा करते दिखे अपितु उन्होंने उसे अपने स्टैटस में भी लगाना प्रारंभ कर दिया. कुछ लोग इसका उपयोग गुड मोर्निंग मेसेज के साथ करने लगे.
लोग इसका इंतज़ार करने लगे और डिलीट हो जाने पर फिर से भेजने के लिए आग्रह करने लगे.गौरतलब है कि त्र्यम्बक शर्मा की माता का नाम “गीता” है और उनके 75वें जन्मदिन 19 मई 2021 से उन्होंने यह कार्य प्रारम्भ किया. उनका कहना है कि ” गीता-पुत्र होने के नाते उन्हें यह कार्य करना ही था”. इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक में यह “Gitatoons” के नाम से प्रचलित हो रहा है.अट्ठारह अध्याय का यह कार्य अंग्रेज़ी और हिंदी में हो चुका है और शीघ्र ही यह छत्तीसगढ़ी में भी आने वाला है.

























