
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग तथा गौ शालाओं के प्रभावी प्रबंधन के लिए सुझाव देने पशुधन विकास मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति की अंतिम बैठक मंत्रालय में आयोजित की गई। बैठक में आयोग के काम-काज को और भी बेहतर बनाने तथा गौ शालाओं के लिए प्रचलित अधिनियमों, नियमों तथा दिशा-निर्देशों पर व्यापक चर्चा के बाद कई सुझाव दिए गए । उप समिति के सुझावों के बारे में गौ शालाओं के प्रबंधकों से सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। पशुधन मंत्री श्री अग्रवाल ने उप समिति के सुझावों को गौ सेवा आयोग की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। सुझाव बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चंद्राकर, संसदीय सचिव श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिशेषर पटेल उपस्थित थे। बैठक में गौ शालाओं में तैयार वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक खाद का मानक परीक्षण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय अथवा अन्य मानक निर्धारण करने वाली संस्था से कराए जाने के बाद बीज निगम के माध्यम से दर निर्धारित करने का सुझाव देने का निर्णय लिया है। गौ शालाओं को पोषण आहार के लिए प्रति पशु प्रति दिन 25 रूपए की जगह 50 रूपए दिया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए 5 से 10 एकड़ जमीन चारागाह के लिए नि:शुल्क दी जानी चाहिए। शहरी क्षेत्रों की गौशालाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन दी जाए। उप समिति द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के कांजी हाउस को सुदृढ़ बनाने की अनुशंसा की गई है। प्रदेश के 40 विकासखण्डों में नई गौशालाएं स्थापित करने के लिए चिन्हित जमीन को सुरक्षित करने के लिए व्यवस्था की जाए। पशुधन विकास मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि चिन्हित जमीनों को पशुधन विकास विभाग के नाम दर्ज कराने की कार्रवाई तत्काल की जाए।
























