मनरेगा योजना में कार्यरत अजा. अजजा. वर्ग के मजदूरों का पारिश्रमिक भुगतान जल्द करे केन्द्र सरकार – उषा पटेल

पिथौरा @काकाखबरीलाल। कोरोना महामारी के दौर मे आम आदमी को रोजी रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। काम धंधा चौपट हो गया है। इस भीषण स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित श्रमिक वर्ग हुआ है। जिसके लिए मनरेगा सबसे बड़ा सहारा है। इस योजना पर भी केन्द्र सरकार कि नजर लग गई है जिसके चलते अजा और अजजा वर्ग के मजदूरों के समक्ष रोजी रोटी के संकट खडा हो गया है।
उपरोक्त बातें जिला पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष एवं राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की जिला समन्वयक उषा पटेल ने केन्द्र सरकार की उस नीति के खिलाफ व्यक्त किये जिसके तहत महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना मे काम कर रहे अजा और अजजा वर्ग के मजदूरों को मजदूरी की राशि का भूगतान अटक गया है। श्रीमती पटेल ने पुरजोर विरोध दर्ज करते हुए कहा है कि इस लोकतांत्रिक देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जमीनी स्तर की श्रम आधारित किसी कल्याणकारी योजना को जातिवाद का शिकार बनाया गया है। इससे भाजपा और मोदी सरकार का असली चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौर में मनरेगा ही मजदूरों की आय का एक मात्र सहारा है इसे भी छिनने का केन्द्र सरकार षड़यंत्र रच रही है। गौर तलब है कि कोरोना अवधि में मनरेगा के क्रियान्वयन मे छत्तीसगढ़ पुरे देश में अव्वल रहा है और यहां सर्वाधिक मजदूरों ने इस योजना से रोजगार अर्जित किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके मनरेगा को लागू करने वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार है जिसे भाजपा पचा नहीं पा रही है।
श्रीमती पटेल ने अजा और अजजा वर्ग के मजदूरों के हक मे कहा है कि यदि शीघ्र ही पूर्व की भातिं सभी वर्ग के मजदूरों का भूगतान समय सीमा पर सुलभ ढ़़ग से प्रारंभ नही किया जाता तो त्रि-स्तरीय पंचायत राज के प्रतिनिधि और कांग्रेस पार्टी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

























