31 मार्च से पहले निपटा लें ये 5 काम नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली / बड़ी खबर /टाईम्स नॉउ रिपोर्ट / 31 मार्च मतलब वित्तवर्ष का आखिरी दिन। मार्च का अंत, हमारे वित्तीय मामलों को प्रबंधित करने की दृष्टि से हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे कारोबार और वित्तीय फैसलों से जुड़े कई काम इस दिन तक पूरे होने चाहिए। हममें से अधिकांश लोग अपने-अपने काम के वर्ष-अंत लक्ष्यों को पूरा करने में व्यस्त हो सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद, अपने व्यक्तिगत लेनदेन का हिसाब रखना और इन लंबित मामलों का निपटान करना भी उतना ही जरूरी है। तो चलिए आपको पैसों से जुड़े ऐसे पांच मामलों के बारे में बताते हैं जिन्हें इस सप्ताह के अंत तक आपको निपटा लेना चाहिए।
लंबित ITR फाइल करें
31 मार्च 2018, वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की आखिरी तारीख है। इसलिए यदि आपने अभी तक अपने पिछले सालों का ITR फाइल नहीं किया है तो इस सप्ताह जरूर फ़ाइल कर लें, क्योंकि इसके बाद इसे फ़ाइल करने पर आपको 1% हर महीने की दर से जुर्माना देना पड़ सकता है और ख़ास मामलों में 5000 रु. जुर्माना देना पड़ सकता है
हेल्थ चेक-अप करवा लें
यदि आप 31 मार्च 2018 से पहले अपना हेल्थ चेक-अप करवाते हैं तो आप प्रिवेंटिव चेक-अप के लिए आयकर अधिनियम की धारा 80D के अंतर्गत 5,000 रु की अतिरिक्त टैक्स कटौती के लिए क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा, कई हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां, अपनी पॉलिसी योजना के आधार पर प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप पर खर्च की गई रकम की भरपाई करती हैं। याद रखें कि एक प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप के लिए भरपाई की रकम, अलग-अलग कंपनी में अलग-अलग हो सकती है, और सिर्फ उसी रकम तक टैक्स छूट मिल सकती है।
फॉर्म 15G/H फ़ाइल करें
यदि आपने कोई फिक्स्ड डिपॉजिट किया है या कहीं और पैसा जमा किया है और उस पर मिलने वाले ब्याज की रकम एक वित्तीय वर्ष में 10,000 रुपए से अधिक है तो बैंक उसमें से TDS काट लेगा। लेकिन, यदि इस ब्याज सहित आपकी कुल आमदनी, टैक्सेबल सीमा में आने की उम्मीद नहीं है तो आप बैंक को TDS की रकम न काटने का निर्देश देने के लिए घोषणा फॉर्म 15G/H का इस्तेमाल कर सकते हैं। फॉर्म 15H, वरिष्ठ नागरिकों के लिए है, जबकि फॉर्म 15G उन लोगों के लिए है जो वरिष्ठ नागरिकों की श्रेणी में नहीं आते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अगले वित्तीय वर्ष से ब्याज से होने वाली आमदनी पर इस छूट सीमा को बढ़ाकर 50,000 रु किया जा रहा है

























