विधानसभा में गूंजा महासमुंद जिले में हुए धान शॉर्टज का मामला, प्रश्नकाल में इस मुद्दे को उठाने की गयी थी मांग

रायपुर(काकाखबरीलाल)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने धान की कस्टम मीलिंग को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की जिसमे पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने महासमुंद जिले के 30 धान खरीदी केंद्रों में हुए शॉर्टज एवं धान खराब का भी मामला उछला। विपक्ष ने सरकार पर संग्रहण केंद्रों में धान के खराब होने का आरोप लगाया।
बता दें कि सरायपाली के हेमंत वैष्णव द्वारा विधानसभा के प्रश्नकाल में इस मुद्दे को उठाने की मांग रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल को पत्र लिखकर किया था, पूर्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बसना के उपाध्यक्ष धर्मेंद्र नायक ने भी महासमुंद जिले के 30 धान उपार्जन केंद्रों में हुए शॉर्टज पर दण्डतामक कार्यवाही हेतु कलेक्टर,मुख्य सचिव, खाद्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, पंचायत मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर मांग किया गया था।

सदन में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर में सरकार पर
आरोप लगाते हुए कहा कि कस्टम मिलींग में भी सरकार की बड़ी लापरवाही देखने मिल रही है।
धान शॉर्टज मामले पर जल्द कार्यवाही होने की मांग भी की गयी।
इसे लेकर पक्ष और सत्ता पक्ष में जमकर हंगामा हुआ।खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कस्टम मिलिंग पूरा होने के बाद ही जानकारी दी जा सकेगी। 15 साल तक आप की सरकार रही कितना धान खराब हुआ है आप बताएं। मंत्री के जवाब सुनने के बाद कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। खाद्य मंत्री ने कहा- हमारी सरकार में 4,000 से अधिक सेड और चबूतरे बनाएं। बारिश से बचाव के लिए सरकार पूरे उपाय कर रही है। अधिकांश स्थानों पर चबूतरे और शेड की व्यवस्था की गई है।

























