रायपुर

लाॅकडाऊन में पिता ने 5 साल के बेटे के दिल में था छेद, सर्जरी करवाने पिता ने बाइक से तय किया 700 किमी का सफर

रायपुर (काकाखबरीलाल).   ये कहानी है महज पांच साल के सैफ अली और उनके पिता साबिर हुसैन की। साेनभद्र, उत्तरप्रदेश में रहने वाले साबिर काे ढाई साल पहले पता चला कि उनके मासूम बेटे के दिल में छेद है। सर्जरी के लिए डाॅक्टर आठ लाख रुपए मांग रहे थे। इस बीच उन्हें जानकारी मिली कि नया रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी हाॅस्पिटल से बच्चाें की दिल की बीमारी का इलाज निशुल्क किया जाता है। वाे सैफ काे लेकर रायपुर पहुंचे। यहां के डाॅक्टर्स ने उन्हें दवाएं बताई और दाे साल बाद यानी 25 जुलाई 2020 काे सर्जरी के लिए अाने कहाबेटे सैफ काे नई जिंदगी मिलने की उम्मीदें लिए साबिर अपने घर लाैट आए। बड़ी शिद्दत से उस दिन का इंतजार कर रहे थे जब बेटे की सर्जरी हाेगी और उसके दिल का दर्द छूमंतर हाे जाएगा। काेराेना वायरस और लाॅकडाउन ने उनकी जिंदगी में भूचाल ला दिया। उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि बेटे के इलाज के लिए रायपुर आएं ताे आएं कैसे? ट्रेनें बंद थीं। टैक्सी वाले इतना किराया मांग रहे थे कि साबिर देने में सक्षम नहीं थे। ऐसे कठिन हालाताें में हार मानने के बजाय साबिर ने बच्चे की जान की खातिर उत्तरप्रदेश से रायपुर तक का 700 किलाेमीटर लंबा सफर बाइक से तय किया। सर्जरी के बाद अब सैफ की तबियत ठीक है। जब सैफ ढाई साल का था तब हमने महसूस किया कि चार कदम चलने से उसकी सांस फूलने लगती है। धीरे-धीरे उसके नाखून नीले पड़ गए। आसपास के कुछ डाॅक्टर काे दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला। जब समस्या बढ़ने लगी ताे बड़े हाॅस्पिटल ले गए। कई टेस्ट हुए तब पता चला कि सैफ के दिल में छेद है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन में लगभग 8 लाख खर्च आएगा। मैं बाइक रिपेयरिंग करता हूं। इतनी कमाई नहीं है कि आठ लाख खर्च कर सकूं। डॉ. सारिक खान और डॉ. आलोक सहाय ने रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी हाॅस्पिटल के बारे में बताया।  कहा कि वहां बच्चे का इलाज भी अच्छे से हाे जाएगा और पैसे भी नहीं लगेंगे। 2018 में पहली बार सत्य साईं हॉस्पिटल आया। तब दो साल बाद 25 जुलाई 2020 की ऑपरेशन डेट मिली। दो साल तक दवा चलती रही। डॉक्टर्स ने कहा था कि ऑपरेशन डेट से पांच दिन पहले फोन करके कंफर्म कर लेना। जुलाई में फोन लगाकर डॉक्टर्स को समस्या बताई कि लॉकडाउन के कारण आवागमन के साधन बंद हैं, कैसे आएं, ऑपरेशन की डेट आगे बढ़ा दीजिए। उन्होंने कहा कि डेट नहीं बढ़ सकती, बढ़ेगी तो फिर दो साल बाद नंबर आएगा, दो-चार दिन चाहो तो बढ़ा सकते हैं। सैफ की सर्जरी बहुत जरूरी थी, इसलिए मैंने तय किया कि अब जाे हाे ऑपरेशन तय डेट पर ही कराएंगे। टैक्सी वालाें ने बहुत ज्यादा किराया मांगा ताे तय किया कि बाइक से ही सफर तय करेंगे। पांच साल के बच्चे को लेकर 700 किलोमीटर के सफर का घरवालों ने विराेध किया, लेकिन मेरे समझाने पर मान गए। बड़े भाई आबिद के साथ सुबह 6 बजे घर से निकला और 16 घंटे में यानी रात 10 बजे रायपुर स्थित हाॅस्पिटल पहुंच गए। सफर के दाैरान हम कुछेक बार ही रुके। रायपुर पहुंचने पर हमें क्वारेंटाइन कर दिया गया। 15 दिन बाद बच्चे का ऑपरेशन हुआ। अब सैफ पूरी तरह स्वस्थ है। डाॅ. अब्बास नकवी ने बताया कि हार्ट की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण अनुवांशिक है। इसके अलावा ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारी, अधिक वजन, किसी प्रकार का नशा और खराब लाइफस्टाइल से हार्ट की बीमारी होती है। इसके लक्षण दो तरह के होते हैं। एक होता है क्लासिकल, जिसमें सीने में बायें तरफ दर्द, कंधे और हाथ में दर्द, ऊपर गर्दन में दर्द, खूब पसीना आना, सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें शामिल हैं। दूसरे तरह के लक्षण में कई बार दर्द नहीं होता। बस भारीपन लगता है। गैस की शिकायत की तरह पेट फूलने लगता है। गेहूं की रोटी की जगह बाजरा, ज्वार या रागी अथवा इनका आटा मिलाकर बनाई रोटी खाएं। आम, केला, चीकू जैसे ज्यादा मीठे फल कम खाएं। इनके बजाय पपीता, कीवी, सेवफल, संतरा जैसे कम मीठे फल खाएं।
हर दिन चार किमी तेज चहलकदमी करें। यह इतनी तेज होनी चाहिए कि आप 30 से 35 मिनट में चार किमी कवर कर सकें। सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट तक कसरत करें।
नींद: रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद लें।

एक्सपर्ट पैनल –  अब्बास नकवी, डॉ. केके साहू, एचओडी कार्डियोलॉजिस्ट सर्जन, अंबेडकर हॉस्पिटल और डॉ. ए फरिश्ता सीनियर काॅर्डियाेलॉजिस्ट।

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छत्तरसिंग पटेल

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